वर्ल्ड कप में स्वर्ण जीतने वाली पिस्टल शूटर ईशा की पीवी सिंधु और शिखर धवन ने तारीफ की


नई दिल्ली, 29 मई (आईएएनएस)। स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने कहा है कि पिस्टल शूटर ईशा सिंह ‘कमाल की खिलाड़ी’ हैं। 21 साल की ईशा ने म्यूनिख में आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में वर्ल्ड रिकॉर्ड स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता है।

ईशा की प्रशंसा करते हुए पीवी सिंधु ने एक्स पर लिखा, “मैं ईशा को कई सालों से जानती हूं। उसके बारे में बहुत अच्छी बातें सुनी हैं। वह हैदराबाद में ट्रेनिंग करती है। उसे ओजीक्यू का साथ मिला है, जो लंबे समय से मेरे भी पार्टनर रहे हैं। एक समय तो हम दोनों का प्रतिनिधित्व एक ही एजेंसी करती थी।”

उन्होंने लिखा, “मैंने हमेशा उसके बारे में एक ही बात सुनी है। शांत, चुपचाप रहने वाली, ज्यादा न बोलने वाली, लेकिन जब जरूरत होती है, तो वह कमाल कर देती है। उसे वर्ल्ड स्टेज पर वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ते और स्वर्ण पदक जीतते देखना बहुत शानदार है। ईशा, तुम्हारे लिए आसमान ही सीमा है, मेरी दोस्त।”

भारत के पूर्व ओपनर शिखर धवन ने भी ईशा की तारीफ की। धवन ने एक्स पर लिखा, “एक और युवा भारतीय खिलाड़ी वैश्विक स्टेज पर चमक रही है। म्यूनिख में आईएसएसएफ विश्व कप में ईशा सिंह ने कितनी शानदार उपलब्धि हासिल की है। भारतीय शूटिंग का भविष्य बहुत उज्ज्वल दिख रहा है।”

ओलंपियन, तीन बार की वर्ल्ड चैंपियनशिप पदक विजेता और दो बार की एशियन गेम्स पदक विजेता ईशा ने महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल फाइनल में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 43 के विश्व रिकॉर्ड (और जूनियर विश्व रिकॉर्ड) स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता। यह इस साल का दूसरा आईएसएसएफ वर्ल्ड कप राइफल/पिस्टल इवेंट था, जो म्यूनिख के मशहूर ओलंपिक शूटिंग रेंज में हुआ।

एक जबरदस्त फाइनल मुकाबले में, ईशा ने पांच-पांच शॉट की 10 सीरीज में से आधी सीरीज में पूरे पांच शॉट लगाए। उन्होंने घरेलू पसंदीदा और पूर्व वर्ल्ड चैंपियन डोरीन वेनेकैंप को पूरे पांच शॉट पीछे छोड़ दिया।

ईशा ने शानदार शुरुआत की, पहली तीन सीरीज में तीन बार एकदम सही पांच का स्कोर किया, और शुरू में ही आठ खिलाड़ियों के मुकाबले में अपनी बढ़त बना ली। 12 अंकों के साथ डोरेन उनकी सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी थीं, जबकि वियतनाम की ट्रिन्ह थू विन्ह 10 हिट्स के साथ तीसरे स्थान पर थीं।

भारतीय शूटर चौथी सीरीज का पहला शॉट चूक गईं—जो कि एलिमिनेशन का पहला चरण भी था—लेकिन फिर भी वह डोरेन से चार अंक आगे थीं। इस बीच, ओलंपिक चैंपियन यांग एकदम सही पांच के स्कोर के साथ तीसरे स्थान पर आ गईं।

छठी और आठवीं सीरीज में फिर से पांच का स्कोर आया, और जब पदक पक्का हो गया तो विश्व रिकॉर्ड भी नजरों के सामने आ गया। ईशा ने चार और तीन के स्कोर के साथ अपना प्रदर्शन समाप्त किया। दो साल पहले बाकू में कोरिया की किम येजी द्वारा बनाए गए 42 अंकों के रिकॉर्ड को एक हिट से बेहतर बना दिया। उन्होंने यांग जिन द्वारा बनाए गए 41 अंकों के जूनियर विश्व रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया।

–आईएएनएस

पीएके


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