मैंने राज्यसभा में जनसांख्यिकीय बदलाव का उठाया था मुद्दा, अब चर्चा में आना संतोषजनक: दिनेश शर्मा


लखनऊ, 28 मई (आईएएनएस)। भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने जनसांख्यिकीय बदलाव के मुद्दे पर व्यक्तिगत संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने राज्यसभा में इस गंभीर मुद्दे को उठाया था, जिसके बाद यह चर्चा का प्रमुख विषय बन गया।

भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए गृह मंत्री को व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद इस मुद्दे पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का फैसला ऐतिहासिक है और इस पर राजनीति नहीं करना चाहिए, इससे देश को फायदा होगा।

बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार ने सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश प्रकाश प्रभाकर नावलेकर की अध्यक्षता में जनसांख्यिकीय बदलावों पर एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया है, ताकि अवैध प्रवासन और अन्य अप्राकृतिक कारणों से पूरे भारत में हो रहे जनसांख्यिकीय बदलावों का व्यापक मूल्यांकन किया जा सके।

वहीं, कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए दिनेश शर्मा ने कहा, “वहां लूट-खसोट की सरकार रही है। सिद्दारमैया से जुड़ा जो भ्रष्टाचार अधूरा रह गया था, उसे डी. शिवकुमार पूरा करेंगे।”

ताजमहल के अंदर कथित कीर्तन के वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद ने कहा कि लोगों को सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से बचना चाहिए।

उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि भारत सरकार ने अपने संरक्षित स्मारकों के रखरखाव और प्रबंधन को अच्छी स्थिति में रखा है। कुछ लोग सोशल मीडिया का दुरुपयोग झूठी अफवाहें फैलाने के लिए करते हैं।”

सुप्रीम कोर्ट द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) संबंधी फैसले पर दिनेश शर्मा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद विपक्षी नेताओं को अब इस तरह के बयान देना बंद कर देना चाहिए। उन्हें इससे सबक लेना चाहिए और चुनाव आयोग तथा एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ झूठा प्रचार बंद करना चाहिए। कोर्ट के फैसले के बाद सच्चाई सामने आ गई है।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसकी शक्तियां संविधान के तहत सुरक्षित हैं।

दिनेश शर्मा ने कहा कि विपक्ष को अब कोर्ट के फैसले का सम्मान करना चाहिए और देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाने में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग की स्वायत्तता और निष्पक्षता पर भरोसा जताया।

–आईएएनएस

एसएके/डीकेपी


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