क्या है युद्धविराम के पीछे का असली खेल? अमेरिका-इजरायल रिश्तों को लेकर ईरानी विदेश मंत्री ने उठाए सवाल

नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच एक नई बहस छेड़ दी है। अराघची ने अमेरिका और इजरायल के एकमत होने पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अराघची ने व्हाइट हाउस और ईरान के बीच बातचीत को लेकर अलग-अलग दावे सामने आने की बात कही। साथ ही दावा किया कि हजारों अमेरिकी सैनिक क्षेत्र में तैनात किए जा रहे हैं।
अराघची ने कहा कि अब सवाल यह है कि अगर डोनाल्ड ट्रंप युद्धविराम करवाने में सफल भी होते हैं, तो क्या अमेरिका और इजरायल इस संघर्ष के अंतिम परिणाम को लेकर एकमत हैं?
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, ”व्हाइट हाउस और ईरान इस बात पर अलग-अलग संकेत दे रहे हैं कि बातचीत शुरू भी हुई है या नहीं, जबकि हजारों अमेरिकी सैनिक मध्य-पूर्व की ओर बढ़ रहे हैं। भले ही ट्रंप युद्धविराम करवा लें, लेकिन यह साफ नहीं है कि अमेरिका और इजरायल इस संघर्ष के अंतिम परिणाम को लेकर एकमत हैं या नहीं। आपको क्या लगता है?”
एक अन्य पोस्ट में अराघची ने कहा, ”ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के युद्ध की शुरुआत को एक महीना बीत चुका है, और अब दुनिया भर की सरकारें वैश्विक अर्थव्यवस्था और राजनीतिक व्यवस्था पर इसके दीर्घकालिक प्रभावों का आकलन करने की कोशिश कर रही हैं।”
उन्होंने कहा कि बहुत कुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि यह संघर्ष कितने समय तक चलता है, और ईरान कितने समय तक होर्मुज स्ट्रेट से ईंधन के निर्यात और अन्य मालवाहक जहाजों के गुजरने पर रोक लगाए रखता है।
ईरान ने अमेरिका पर सीजफायर नियमों के उल्लंघन का आरोप भी लगाया है। ईरान ने इसे से दुर्भावना से प्रेरित और वादाखिलाफी करार दिया है। ईरान ने दोहराया कि उनका देश इन आक्रामक कार्रवाइयों की सख्त शब्दों में निंदा करता है; ये संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन है। तेहरान इस कार्रवाई का मुकम्मल जवाब देगा।
बता दें कि 26 मई की सुबह ही अमेरिका की ओर से होर्मुज पर अटैक किया गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकाम) के मुताबिक, यह कार्रवाई सेल्फ-डिफेंस (आत्मरक्षा) में की गई। सेंटकाम के प्रवक्ता टिमोथी हॉकिन्स ने कहा कि अमेरिकी सैनिकों और युद्धपोतों को खतरे से बचाने के लिए ये हमले किए गए। अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के पास कथित तौर पर बारूदी सुरंग बिछा रही बोट्स को निशाना बनाया। इसके अलावा, बंदर अब्बास पोर्ट के पास सरफेस टू एयर मिसाइल साइट पर भी हमला किया।
–आईएएनएस
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