ट्रंप प्रशासन का क्यूबा के खिलाफ बड़ा एक्शन, 11 अधिकारियों और 3 सरकारी संगठनों पर लगाए नए प्रतिबंध

वाशिंगटन, 19 मई (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने क्यूबा के 11 अधिकारियों और तीन सरकारी संस्थानों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। विदेश मंत्री मार्को रुबियो का कहना है कि क्यूबा की सरकार लोगों पर दमन कर रही है, सुरक्षा के लिए खतरा बन रही है और विदेशी खुफिया तथा सैन्य गतिविधियों को समर्थन दे रही है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिका अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए सख्त कदम उठा रहा है। उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों का मकसद क्यूबा की कम्युनिस्ट सरकार और सेना को अवैध आर्थिक संसाधनों से दूर रखना है।
इन प्रतिबंधों की घोषणा 1 मई, 2026 को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हस्ताक्षरित कार्यकारी आदेश 14404 के तहत की गई थी। इसका लक्ष्य वे लोग हैं जो “क्यूबा में दमन के लिए और संयुक्त राज्य अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा व विदेश नीति के लिए खतरों के लिए जिम्मेदार हैं।”
मार्को रुबियो ने कहा कि जिन 11 लोगों पर कार्रवाई हुई है, उनमें क्यूबा सरकार और सेना से जुड़े कई बड़े अधिकारी शामिल हैं। अमेरिका का आरोप है कि इनमें से कई लोग क्यूबा के नागरिकों पर दमन करने में शामिल रहे हैं।
अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि यह कदम क्यूबा की कम्युनिस्ट सरकार से पैदा हो रहे सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए चलाए जा रहे बड़े अभियान का हिस्सा है। साथ ही उन लोगों और संस्थाओं को भी जिम्मेदार ठहराया जाएगा, जो क्यूबा सरकार को आर्थिक या अन्य तरह का समर्थन दे रहे हैं।
इन प्रतिबंधों में क्यूबा के कई वरिष्ठ अधिकारियों और सैन्य हस्तियों को भी निशाना बनाया गया है, जिनमें एडी मैनुअल सिएरा एरियस, ऑस्कर अलेजांद्रो कैलेजस वालकार्स, रोसाबेल गामोन वर्डे, जोकिन क्विंटास सोला, जुआन एस्टेबान लाजो हर्नांडेज़, विसेंट डे ला ओ लेवी और मायरा अरेविच मारिन शामिल हैं।
अन्य जिन अधिकारियों के नाम सामने आए हैं, वे हैं जोस मिगुएल गोमेज़ डेल वैलिन, राउल विलर केसेल, रॉबर्टो टॉमस मोरालेस ओजेडा और यूजेनियो आर्मंडो राबिलेरो अगुइलेरा।
रुबियो ने कहा कि ये लोग क्यूबा की खराब आर्थिक स्थिति, वहां के लोगों की परेशानियों और विदेशी खुफिया व सैन्य गतिविधियों में क्यूबा के इस्तेमाल के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले दिनों और हफ्तों में और भी प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, जिन लोगों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, उनकी अमेरिकी अधिकारी क्षेत्र में मौजूद संपत्तियां और आर्थिक हित फ्रीज कर दिए जाएंगे। साथ ही अमेरिकी नागरिक और कंपनियां इनके साथ किसी भी तरह का आर्थिक लेन-देन नहीं कर सकेंगी, जब तक कि अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की विशेष अनुमति न हो।
ट्रंप प्रशासन का यह कदम क्यूबा के खिलाफ उसकी सख्त नीति को और आगे बढ़ाने वाला माना जा रहा है। अमेरिका का कहना है कि उसका उद्देश्य क्यूबा में मानवाधिकारों को मजबूत करना, कानून का शासन बढ़ावा देना, खुले बाजार और लोकतंत्र को प्रोत्साहित करना है।
–आईएएनएस
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