जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल ने जनगणना 2027 के स्व-गणना अभियान में भाग लिया

श्रीनगर, 17 मई (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को जनगणना 2027 के तहत स्व-गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) पहल में भाग लिया। साथ ही, उन्होंने नागरिकों से भी इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग करने की अपील की।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि जनगणना का पहला चरण शुरू हो चुका है। जम्मू-कश्मीर में भी यह अभियान प्रारंभ कर दिया गया है। यह प्रक्रिया न केवल देश के लिए बल्कि जम्मू-कश्मीर और यहां के प्रत्येक नागरिक के लिए बेहद आवश्यक है। उन्होंने लोगों से आग्रह करते हुए कहा कि सभी नागरिक बढ़-चढ़कर इसमें हिस्सा लें और अपने घर तथा उसमें रहने वाले परिवार के सदस्यों की सही जानकारी उपलब्ध कराएं।
उपराज्यपाल ने यह विश्वास जताया कि प्रदेश के लोग इस राष्ट्रीय अभियान में पूरा सहयोग करेंगे और जनगणना को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल कार्यालय ने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर इस संबंध में लिखा, “मैंने अपनी स्व-गणना पूरी कर ली है। इस चरण में घरों की सूची बनाना और आवास संबंधी कार्य शामिल हैं। मैं जम्मू-कश्मीर के हर परिवार से आग्रह करता हूँ कि वे स्वयं अपनी जानकारी दें और जनगणना में हिस्सा लें।”
पोस्ट में आगे कहा गया, “जनगणना 2027 का ऐतिहासिक महत्व है, क्योंकि यह भारत की पहली पूरी तरह से डिजिटल और कागज़-रहित जनगणना है, जिसमें उन्नत डिजिटल तकनीकों, मोबाइल-आधारित डेटा संग्रह प्रणालियों और स्वयं-गणना तंत्रों को एकीकृत किया गया है।”
गौरतलब है कि जनगणना 2027 पहली बार डिजिटल माध्यमों के उपयोग के साथ आयोजित की जा रही है, जबकि व्यापक और सटीक कवरेज सुनिश्चित करने के लिए पारंपरिक घर-घर जाकर गणना की प्रक्रिया भी जारी रहेगी। फील्ड विजिट के दौरान प्रगणक (सर्वे अधिकारी) एक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से डिजिटल रूप से डेटा एकत्र कर रहे हैं।
जनगणना कार्यों में पहली बार शुरू की गई स्व-गणना सुविधा को जनता से उत्साहजनक रिस्पांस मिल रहा है। 25 राज्यों में आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अब तक 1.44 करोड़ से अधिक परिवार स्व-गणना पूरी कर चुके हैं। यह पहल जनगणना कार्यों के डिजिटलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और निवासियों को जनगणना प्रक्रिया में सुविधाजनक एवं सुरक्षित रूप से भाग लेने का अवसर प्रदान करती है।
–आईएएनएस
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