मध्य प्रदेश : सीएम ने खरीफ फसलों के लिए एमएसपी में बढ़ोतरी का स्वागत किया, कहा- किसानों को होगा फायदा


भोपाल, 13 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को केंद्र सरकार के उस फैसले का स्वागत किया, जिसमें 2026-27 के मार्केटिंग सीजन के लिए 14 खरीफ फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के किसानों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा और कृषि क्षेत्र मजबूत होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने बुधवार को संशोधित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को मंजूरी दे दी।

प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और कृषि विकास सुनिश्चित करने के लिए लगातार फ़ैसले लिए हैं।

यादव ने कहा, “पीएम मोदी के नेतृत्व में किसानों के हित में लगातार फ़ैसले लिए जा रहे हैं। 14 खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी से कृषि क्षेत्र को मजबूत करने और अन्नदाता किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।”

उन्होंने आगे कहा कि इस कदम से मध्य प्रदेश के लाखों किसानों को सीधे तौर पर मदद मिलेगी, जहां कृषि राज्य की अर्थव्यवस्था का एक अहम हिस्सा है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने के फैसले से मध्य प्रदेश और पूरे देश के किसानों को सीधे तौर पर फायदा होगा। केंद्र सरकार ने किसानों के कल्याण और समृद्धि के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं।”

यादव ने किसानों के लिए राज्य-स्तरीय पहलों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश 2026 को “किसान कल्याण वर्ष” के रूप में मना रहा है, जिसके तहत पूरे राज्य में किसानों पर केंद्रित कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

इनमें उन्नत कृषि मशीनों की प्रदर्शनियां, सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता अभियान और उत्पादकता बढ़ाने के लिए आधुनिक खेती की तकनीकों में प्रशिक्षण शामिल हैं।

संशोधित न्यूनतम समर्थन मूल्य संरचना के अनुसार, सूरजमुखी के बीज में सबसे ज्यादा 622 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी दर्ज की गई। कपास के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य में 557 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है, इसके बाद नाइजर बीज में 515 रुपए और तिल में 500 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है।

केंद्र ने उत्पादन लागत पर मज़बूत रिटर्न का अनुमान लगाया है। खाद्यान्नों में, मूंग से सबसे ज्यादा 61 प्रतिशत रिटर्न मिलने की उम्मीद है, इसके बाद बाजरा और मक्का से 56 प्रतिशत और अरहर से 54 प्रतिशत रिटर्न मिलने की उम्मीद है।

उड़द से 51 प्रतिशत रिटर्न मिलने का अनुमान है, जबकि रागी, हाइब्रिड ज्वार और धान से 50 प्रतिशत रिटर्न मिलने की उम्मीद है।

तिलहनों में, जिनमें मूंगफली, सूरजमुखी के बीज, सोयाबीन, तिल और नाइजर बीज शामिल हैं, किसानों को उत्पादन लागत पर लगभग 50 प्रतिशत का मार्जिन मिलने की उम्मीद है।

–आईएएनएस

एससीएच


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