तमिलनाडु: सीएम विजय ने श्रीलंका में गिरफ्तार मछुआरों की रिहाई के लिए विदेश मंत्री जयशंकर से हस्तक्षेप की अपील की


चेन्नई, 12 मई (आईएएनएस)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने मंगलवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर से अपील की कि वे तुरंत कूटनीतिक कदम उठाकर श्रीलंकाई नौसेना द्वारा गिरफ्तार किए गए राज्य के छह मछुआरों की रिहाई सुनिश्चित करें और उनकी जब्त की गई नाव वापस दिलवाएं।

केंद्रीय मंत्री एस जयशंकर को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री विजय ने श्रीलंकाई अधिकारियों द्वारा तमिलनाडु के मछुआरों की लगातार गिरफ्तारी पर चिंता जताई और राज्य के तटीय समुदायों में बढ़ती परेशानी को उजागर किया।

उन्होंने हालिया घटना का जिक्र करते हुए कहा कि रामनाथपुरम जिले के मंडपम से छह मछुआरों को मंगलवार को श्रीलंकाई नौसेना ने उस समय गिरफ्तार किया, जब उन पर अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा पार करने का आरोप लगाया गया।

गिरफ्तार मछुआरों की पहचान एलेक्स, एंथनी राजन, संथाना अरोकीयास, अरुल डी’ब्रिटो, अल्बर्ट, और सहाय सेल्वासानु के रूप में की गई है।

पत्र के अनुसार, ये मछुआरे 10 मई को मंडपम तटीय क्षेत्र से एक देशी नाव में सामान्य मछली पकड़ने के लिए समुद्र में गए थे, लेकिन 12 मई को श्रीलंकाई नौसेना ने उन्हें पकड़ लिया।

सीएम विजय ने कहा कि तमिलनाडु के मछुआरों की बार-बार गिरफ्तारी एक गंभीर मानवीय और आजीविका से जुड़ा मुद्दा बन चुकी है, जिससे पॉक खाड़ी क्षेत्र पर निर्भर सैकड़ों मछुआरा परिवार प्रभावित हो रहे हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में 54 तमिलनाडु मछुआरे पहले की गिरफ्तारियों के बाद श्रीलंका की जेलों में बंद हैं।

इसके अलावा, श्रीलंकाई अधिकारियों ने अब तक तमिलनाडु के मछुआरों की 264 नावें जब्त की हैं।

मुख्यमंत्री विजय ने केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए विदेश मंत्री जयशंकर से आग्रह किया कि वे श्रीलंका सरकार से कूटनीतिक माध्यमों से बात कर मछुआरों की रिहाई और उनकी नावों की वापसी सुनिश्चित करें।

यह पत्र ऐसे समय में आया है जब पाक जलडमरूमध्य क्षेत्र में मछुआरों और श्रीलंकाई नौसेना के बीच तनाव की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जबकि भारत और श्रीलंका के बीच इस लंबे समय से चले आ रहे मछली पकड़ने के विवाद पर कई दौर की बातचीत हो चुकी है।

तमिलनाडु सरकार लगातार यह कहती रही है कि पारंपरिक मछुआरों की आजीविका के मुद्दों को संवेदनशीलता से देखा जाना चाहिए और भविष्य में ऐसी गिरफ्तारियों और नावों की जब्ती को रोकने के लिए स्थायी कूटनीतिक और मानवीय समाधान की मांग करती रही है।

–आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी


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