तृणमूल से जुड़े लोग भाजपा कार्यकर्ता बनकर अशांति फैलाने की कर रहे कोशिश: पश्चिम बंगाल भाजपा

कोलकाता, 6 मई (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई ने बुधवार को आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस से जुड़े असामाजिक तत्व भाजपा कार्यकर्ताओं का रूप धारण कर रहे हैं और पार्टी के झंडे लेकर राज्य के विभिन्न हिस्सों में चुनाव बाद हिंसा को अंजाम दे रहे हैं, ताकि पार्टी की छवि खराब की जा सके।
भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई द्वारा सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा गया, ”हमारे संज्ञान में आया है कि तृणमूल के तथाकथित ‘गुंडा वाहिनी’ के तत्व भाजपा कार्यकर्ता बनकर लोगों को भ्रमित करने और अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।”
बयान के अनुसार, भाजपा नेतृत्व पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि राज्य में कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बयान में कहा गया है कि जो भी व्यक्ति फर्जी पहचान, धमकी या कानून अपने हाथ में लेने जैसी गतिविधियों में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा ने आगे दावा किया कि पश्चिम बंगाल की जनता ने बदलाव के लिए स्पष्ट जनादेश दिया है। अपराध और शासन के गठजोड़ को खत्म करने के लिए मतदान किया है।
पार्टी ने कहा, ”नई सरकार कानून का राज बहाल करने, जवाबदेही सुनिश्चित करने और बिना किसी भेदभाव के हर नागरिक की सुरक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
भाजपा ने यह भी कहा कि राज्य में हिंसा, धमकी और राजनीतिक भेष बदलकर की जाने वाली गतिविधियों के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई जाएगी और कानून अपना काम करेगा।
इससे पहले दिन में भाजपा के पश्चिम बंगाल अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य और विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने भी चुनाव बाद हिंसा को लेकर कड़ी चेतावनी दी थी।
भारत निर्वाचन आयोग ने भी राज्य प्रशासन को निर्देश दिया है कि चुनाव बाद हिंसा की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की जाए।
इस बीच, पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार ने बुधवार को बताया कि अब तक 200 एफआईआर दर्ज की गई हैं और चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद हुई हिंसा के मामलों में 433 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
–आईएएनएस
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