फ्रांस में अगले महीने होगी भारत की डीप टेक प्रदर्शनी, पीएम मोदी होंगे शामिल: धर्मेंद्र प्रधान


नई दिल्ली, 5 मई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित आईआईटी मद्रास टेक समिट के उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने भाग लिया। इस अवसर पर तकनीक, शोध और नवाचार को लेकर भारत की बढ़ती भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने आईआईटी मद्रास की सराहना की। उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार शैक्षणिक संस्था के रूप में आईआईटी मद्रास ने ‘इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस’ का दर्जा मिलने के बाद अपने दायित्वों को गंभीरता से निभाया है। उन्होंने बताया कि संस्थान ने कई ‘सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित किए हैं, जो देश में रिसर्च और नवाचार को नई दिशा दे रहे हैं।

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार रिसर्च के क्षेत्र में एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस पहल को “भारत निर्माण” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा कि आईआईटी मद्रास द्वारा उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए नए-नए शोध क्षेत्रों में काम किया जा रहा है, खासकर नवाचार के क्षेत्र में काम कर रही है।

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “अगले महीने भारत, फ्रांस के नीस शहर में भारत की ‘डीप टेक्नोलॉजी’ की एक बहुत बड़ी प्रदर्शनी आयोजित करने जा रहा है। इस प्रदर्शनी के उद्घाटन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों दोनों ही उपस्थित रहेंगे।”

केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने भारत की तकनीकी प्रगति पर जोर देते हुए कहा कि देश एक ऐसे मुकाम पर है, जहां वह कई जटिल समस्याओं का समाधान आसानी से कर सकता है। विभिन्न तकनीकी सूचकांकों में भारत का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है, जो देश की डिजिटल क्षमता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि आज डिजिटल क्रांति के कारण समाज के हर वर्ग तक तकनीक की पहुंच हो गई है। यहां तक कि एक 65 वर्षीय महिला, जिसने औपचारिक शिक्षा पूरी नहीं की, वह भी यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस के माध्यम से बैंकिंग सेवाओं का उपयोग कर रही है।

इसके अलावा जयंत चौधरी ने पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को मिला जनादेश स्पष्ट संकेत है कि जनता विकास चाहती है और आगे बढ़ना चाहती है। उनके अनुसार, पश्चिम बंगाल देश की आर्थिक शक्ति का एक महत्वपूर्ण केंद्र है और वहां की जनता ने अपने भविष्य को ध्यान में रखते हुए फैसला किया है।

–आईएएनएस

एसएके/वीसी


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