'रुझानों को सच मानना जल्दबाजी, 4 तारीख का करें इंतजार', एग्जिट पोल पर संत वरुण दास का बयान

अयोध्या, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 142 सीटों पर मतदान की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। बुधवार को अयोध्या के प्रमुख संतों डॉ. देवेशाचार्य जी महाराज और आर्य संत वरुण दास जी महाराज ने आईएएनएस के साथ बातचीत में बंगाल की राजनीतिक स्थिति और एग्जिट पोल के रुझानों पर प्रतिक्रिया दी।
डॉ. देवेशाचार्य जी महाराज ने आध्यात्मिक विश्वास के आधार पर जीत का दावा किया हैं, तो दूसरी ओर आर्य संत वरुण दास जी महाराज ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया और सटीक आंकड़ों के लिए मतगणना के दिन का इंतजार करने की सलाह दी।
सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी के महंत डॉ. देवेशाचार्य जी महाराज ने बंगाल में सत्ता परिवर्तन का भरोसा जताया। उनका कहना है कि एग्जिट पोल के नतीजे हकीकत में बदलने जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बंगाल में मां काली और कपिल मुनि भगवान का आशीर्वाद लिया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव परिणामों में देखने को मिलेगा।”
डॉ. देवेशाचार्य जी महाराज ने अपना विश्वास जताते हुए कहा कि बंगाल में इस बार भाजपा सरकार बनने की दिशा में कदम आगे बढ़ चुके हैं और बहुमत के साथ वहां कमल खिलेगा।
दूसरी ओर आर्य संत वरुण दास जी महाराज ने एग्जिट पोल को लेकर थोड़ा सतर्क रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि हर एग्जिट पोल अपनी अलग कहानी कहता है। उन्होंने कहा, “हर एग्जिट पोल अलग परिणाम बताता है, लेकिन कुछ एग्जिट पोल अतीत में सही साबित हुए हैं, लेकिन कई बार जमीनी नतीजे इनसे बिल्कुल उलट भी आए हैं।”
उन्होंने कहा, “एग्जिट पोल को पूरी तरह सत्य मान लेना जल्दबाजी होगी। सच्चाई 4 मई को मतगणना के बाद ही सामने आएगी। फिलहाल, हर कोई अपने पक्ष के हिसाब से अंदाजा लगा रहा है, जो लोकतंत्र में स्वाभाविक है।”
उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ने वाला हर प्रत्याशी अपनी जीत का दावा तो करता ही है और परिश्रम करने वाले के लिए ऐसा सोचना जरूरी भी है। लेकिन हार-जीत का अंतिम फैसला भविष्य में है।
–आईएएनएस
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