वर्ल्ड आईपी डे पर पीयूष गोयल का बड़ा ऐलान, खेल से जुड़े आईपी रजिस्ट्रेशन पर 3 साल तक कोई शुल्क नहीं


नई दिल्ली, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को एक बड़ी घोषणा की कि खेल से संबंधित सभी बौद्धिक संपदा (आईपी) रजिस्ट्रेशन, जिनमें ट्रेडमार्क, कॉपीराइट, पेटेंट, डिजाइन, पारंपरिक ज्ञान और जियोग्राफिकल इंडिकेशन (जीआई) शामिल हैं, तीन साल की अवधि के लिए शुल्क मुक्त होंगे, जो तत्काल प्रभाव से लागू होगा। यह घोषणा केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी में विश्व बौद्धिक संपदा दिवस समारोह को संबोधित करते हुए की, जिसका विषय था ‘आईपी और खेल: तैयार, शुरू, नवाचार!’

एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि सरकार का उद्देश्य खेल क्षेत्र में इनोवेशन को बढ़ावा देना और नए आइडियाज को प्रोत्साहित करना है।

पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार केवल फीस माफ ही नहीं कर रही, बल्कि इनोवेटर्स, छात्रों, कारीगरों और अन्य स्टेकहोल्डर्स को आईपी रजिस्ट्रेशन में सहायता भी दी जाएगी। इससे लोगों को अपने आइडिया को सुरक्षित करने और उसे एक एसेट में बदलने में आसानी होगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने हर नए आइडिया को आईपी में बदलें और उसका रजिस्ट्रेशन जरूर कराएं।

पीयूष गोयल ने कश्मीर विलो क्रिकेट बैट का जिक्र करते हुए कहा कि यह भारत की कारीगरी और आईपी ताकत का प्रतीक है। यह देश का एक महत्वपूर्ण जीआई-टैग वाला स्पोर्ट्स प्रोडक्ट है। उन्होंने इसे वैश्विक स्तर पर प्रमोट करने और जम्मू-कश्मीर में इसके उत्पादन को बढ़ाने पर जोर दिया।

मंत्री ने जम्मू-कश्मीर और मेरठ जैसे क्षेत्रों में स्पोर्ट्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि देश में खेल सामान जैसे बैट, बॉल, हॉकी इक्विपमेंट और जिम उपकरणों का उत्पादन बढ़ाना जरूरी है, ताकि घरेलू उद्योग मजबूत हो और रोजगार के नए अवसर पैदा हों।

पीयूष गोयल ने ‘नवाचार करो, पेटेंट कराओ, उत्पादन करो, समृद्धि हासिल करो’ का मंत्र देते हुए कहा कि लोग नए आइडिया विकसित करें, उन्हें पेटेंट कराएं, उत्पादन बढ़ाएं और वैश्विक बाजार में पहुंच बनाएं। उन्होंने भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का जिक्र करते हुए कहा कि इससे भारतीय इनोवेटर्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए अवसर मिलेंगे।

मंत्री ने ‘विकसित भारत डिजिटल मैट्रिक्स 2026’ डिजाइन हैकाथॉन भी लॉन्च किया, जो स्मार्ट वियरेबल्स पर केंद्रित है। यह छह महीने का प्रोग्राम है, जिसमें नई टेक्नोलॉजी और डिजाइन को मिलाकर इनोवेटिव प्रोडक्ट्स बनाए जाएंगे। इसका उद्देश्य युवाओं को नए आइडिया को वास्तविक उत्पाद में बदलने के लिए प्रेरित करना है।

पीयूष गोयल ने आगे कहा कि खेल अब केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक बड़ा आर्थिक क्षेत्र बन चुका है। पिछले 18 सालों में फ्रेंचाइजी क्रिकेट टीमों की वैल्यू में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है, जो खेलों के व्यावसायिक महत्व को दर्शाती है।

सरकार की स्पोर्ट्स पॉलिसी 2025 का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश भर में खेल सुविधाओं को बढ़ाया जा रहा है और स्कूल स्तर पर खेलों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। साथ ही कंपनियों से सीएसआर फंड के जरिए स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर, ओपन जिम और ग्रामीण इलाकों में सुविधाएं विकसित करने की अपील की गई।

–आईएएनएस

डीबीपी


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