'नारी सशक्तीकरण कोई विकल्प नहीं, बल्कि राष्ट्रनिर्माण की अनिवार्य आधारशिला' : सीएम योगी


नई दिल्ली, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। लोकसभा में महिला आरक्षण बिल से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के गिरने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राष्ट्र के नाम संबोधन दिया। पीएम मोदी के संबोधन पर सीएम योगी ने अपनी प्रतिक्रिया दी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “प्रधानमंत्री मोदी ने आज राष्ट्र के नाम संबोधन में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के विषय पर देश की माताओं, बहनों और बेटियों के सम्मान, अधिकार और आकांक्षाओं को अत्यंत संवेदना और दृढ़ता के साथ स्वर दिया, उसके लिए हृदय से आभार!”

योगी ने आगे लिखा, “प्रधानमंत्री का संबोधन करोड़ों नारियों के आत्मसम्मान को नई ऊर्जा देने वाला संकल्प है। यह हमें प्रेरित करता है कि नारी सशक्तीकरण कोई विकल्प नहीं, बल्कि राष्ट्रनिर्माण की अनिवार्य आधारशिला है। हम सभी आपके इस संकल्प के साथ दृढ़तापूर्वक खड़े हैं और पूर्ण विश्वास है कि आपके यशस्वी नेतृत्व में यह प्रयास अवश्य सफल होगा। नारी शक्ति का सम्मान डबल इंजन सरकार का विजन, मिशन, और अटूट संकल्प है, जो पूर्ण होकर रहेगा।”

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडवीय ने पीएम मोदी के संबोधन का वीडियो शेयर किया जिसमें उन्होंने कहा, “नारी शक्ति वंदन अधिनियम का रुकना हमारी बहनों की उड़ान और उनके सपनों को बेरहमी से कुचलना है। हमारा प्रयास सफल न होने पर मैं सभी माताओं और बहनों से क्षमा मांगता हूं।”

भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या ने भी पीएम के संबोधन का वीडियो शेयर करते हुए कहा, “कांग्रेस एक सुधार-विरोधी पार्टी है। ‘विकसित भारत 2047’ के निर्माण की दिशा में उठाए गए हर निर्णायक कदम में कांग्रेस बाधा डालती है। ऐसा वह अपनी नकारात्मक, विकास-विरोधी और प्रगति-विरोधी मानसिकता के कारण करती है, जिससे ऊपर उठने को वह तैयार नहीं लगती।”

इससे पहले पीएम मोदी ने देश को संबोधित करते हुए कहा था, “आज मैं देश की माताओं, बहनों और बेटियों से बात करने आया हूं। आज भारत का हर नागरिक देख रहा है कि कैसे भारत की नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया। उनके सपनों को बेरहमी से कुचल दिया गया। हमारे भरसक प्रयास के बावजूद यह सफल नहीं हो पाया। नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन नहीं हो पाया। इसके लिए मैं क्षमाप्रार्थी हूं।”

–आईएएनएस

एससीएच


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