विधानसभा चुनाव और उपचुनाव के लिए मतदाता सूचना पर्चियों का वितरण शुरू

नई दिल्ली, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। विधानसभा चुनाव और उपचुनाव 2026 के मद्देनजर चुनावी तैयारियां तेज हो गई हैं। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के पहले चरण के चुनावों के लिए मतदाता सूचना पर्चियों (वीआईएस) का वितरण शुरू कर दिया है।
इन राज्यों में 23 अप्रैल को मतदान होना निर्धारित है। आयोग का यह कदम चुनाव प्रक्रिया को सुचारु, पारदर्शी और मतदाता-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
मतदाता सूचना पर्ची में वोटरों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल होती हैं, जैसे कि उसका नाम, मतदान केंद्र का स्थान, मतदान की तिथि और समय, तथा मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए नक्शे की एक झलक।
इसके साथ ही पर्ची में ‘क्या करें और क्या न करें’ की सूची भी दी गई है, ताकि वोटर मतदान के दिन किसी प्रकार की असुविधा से बच सकें। आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देते हुए वीआईएस में एक क्यूआर कोड भी जोड़ा गया है, जिससे मतदाता अपने विवरण को आसानी और तेजी से सत्यापित कर सकते हैं। इससे पोलिंग बूथ पर भीड़ कम करने और प्रक्रिया को तेज बनाने में भी मदद मिलेगी।
आयोग ने पहले ही निर्देश जारी किए थे कि मतदाता सूचना पर्चियों को अधिक पठनीय और सुलभ बनाया जाए। इसी के तहत वीआईएस पर मतदाता की भाग संख्या और क्रम संख्या स्पष्ट और बड़े अक्षरों में अंकित की जा रही है, ताकि पहचान में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। यह सुधार विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं के लिए उपयोगी साबित होगा।
इन पर्चियों का वितरण संबंधित बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा घर-घर जाकर व्यक्तिगत रूप से किया जा रहा है। आयोग ने निर्देश दिया है कि यह प्रक्रिया मतदान दिवस से कम से कम पांच दिन पहले सभी पंजीकृत मतदाताओं के लिए पूरी कर ली जाए। इस दौरान बूथ लेवल एजेंट (बीएलए), उम्मीदवार या उनके अधिकृत प्रतिनिधि भी बीएलओ के साथ उपस्थित रह सकते हैं, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयोग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि वीआईएस केवल उन्हीं भाषाओं में प्रकाशित की जाए, जिनमें संबंधित विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची उपलब्ध है। इसके अलावा, दिव्यांगजनों की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए विशेष कदम उठाए गए हैं। दृष्टिबाधित या नेत्रहीन मतदाताओं के लिए ब्रेल लिपि में ‘सुलभ मतदाता सूचना पर्चियां’ भी उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे वे स्वतंत्र रूप से मतदान प्रक्रिया में भाग ले सकें।
हालांकि, आयोग ने यह स्पष्ट किया है कि मतदाता सूचना पर्ची को अकेले पहचान प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। मतदान के लिए मतदाताओं को ईपीआईसी (मतदाता पहचान पत्र) के अलावा आयोग द्वारा स्वीकृत 12 अन्य पहचान दस्तावेजों में से किसी एक को साथ लाना अनिवार्य होगा।
इसके अतिरिक्त, मतदाता सूचना पर्ची या अन्य चुनावी सामग्री का कोई भी अनाधिकृत वितरण या कब्जा जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रावधानों का उल्लंघन माना जाएगा, जिसके तहत दोषी पाए जाने पर कारावास, जुर्माना, या दोनों की सजा हो सकती है।
मतदाता सूचना पर्चियों का यह वितरण अभियान चुनाव प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे अधिक से अधिक मतदाता जागरूक होकर अपने मताधिकार का उपयोग कर सकेंगे।
–आईएएनएस
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