भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 26 में नेटवर्क विस्तार के लिए 100 परियोजनाएं स्वीकृत कीं, 1.53 लाख करोड़ रुपए का निवेश होगा: केंद्र


नई दिल्ली, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 26 में विश्व स्तरीय उच्च क्षमता वाले रेल नेटवर्क को विकसित करने के लिए वित्त वर्ष 2025-26 में 100 परियोजनाएं स्वीकृत की हैं। इससे रेल नेटवर्क में 6,000 किलोमीटर की वृद्धि होगी। यह जानकारी केंद्र सरकार की ओर से रविवार को दी गई।

रेल मंत्रालय ने बयान में कहा कि देश के अंतिम छोर को जोड़कर और सबसे गरीब तथा वंचित क्षेत्रों की सेवा करते हुए, भारतीय रेल, पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत एक परिवर्तनकारी विस्तार कर रही है। समावेशी विकास और राष्ट्रीय एकीकरण पर विशेष ध्यान देते हुए, वित्त वर्ष 2025-26 में नई लाइनों, दोहरीकरण, मल्टी-ट्रैकिंग और अन्य कार्यों से जुड़ी 100 रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।

देश के अंतिम छोर को जोड़कर और सबसे गरीब तथा वंचित क्षेत्रों की सेवा करते हुए, भारतीय रेल, पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत एक परिवर्तनकारी विस्तार कर रही है। समावेशी विकास और राष्ट्रीय एकीकरण पर विशेष ध्यान देते हुए, वित्त वर्ष 2025-26 में नई लाइनों, दोहरीकरण, मल्टी-ट्रैकिंग और अन्य कार्यों से जुड़ी 100 रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।

मंत्रालय के मुताबिक, इन परियोजनाओं में कुल 1.53 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया गया है, जो 6,000 किलोमीटर से अधिक के रेलवे नेटवर्क को कवर करता है। यह रेलवे विस्तार में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में, जहां 72,869 करोड़ रुपए की लागत वाली 64 परियोजनाओं (2,800 किलोमीटर से अधिक) को मंजूरी दी गई थी, इस बार परियोजना की स्वीकृतियों में 56 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, रूट कवरेज में 114 प्रतिशत से अधिक का उछाल आया है और वित्तीय प्रतिबद्धता में 110 प्रतिशत से अधिक की मजबूत वृद्धि देखी गई है।

सरकार ने बताया कि ये परियोजनाएं रणनीतिक रूप से ‘मिशन 3000 मीट्रिक टन’ पहल के अनुरूप हैं, जिसका उद्देश्य माल ढुलाई क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि करना है। पोर्टफोलियो में ऊर्जा कॉरिडोर परियोजनाओं का दबदबा है, जो कोयले और खनिजों की तेज़ आवाजाही की सुविधा प्रदान करती हैं और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करती हैं। हाई डेंसिटी नेटवर्क परियोजनाएं महत्वपूर्ण मार्गों पर भीड़भाड़ को कम करती हैं, जबकि ‘रेल सागर कॉरिडोर’ से पोर्ट कनेक्टिविटी और तटीय व्यापार में सुधार होता है। साथ मिलकर, ये पहलकदमियां समग्र नेटवर्क दक्षता और लॉजिस्टिक्स प्रदर्शन को बेहतर बनाएंगी।

–आईएएनएस

एबीएस/


Show More
Back to top button