बंगाल में कानून-व्यवस्था पर जदयू ने उठाए सवाल, महिला आरक्षण पर कांग्रेस को दी नसीहत

पटना, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल को लेकर लगातार सियासत बढ़ती जा रही है। एनडीए के नेता लगातार ममता सरकार पर कानून व्यवस्था को लेकर निशाना साध रहे हैं। इसी क्रम में जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने ममता सरकार पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है।
जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “एसआईआर हर जगह हो रही है, लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हो रही है। एसआईआर होने से बाहरी लोगों के नाम कट गए हैं।”
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान पश्चिम बंगाल की तुलना में दोगुने से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए, लेकिन वहां इस मुद्दे पर कोई बड़ा विवाद सामने नहीं आया। ऐसे में ममता बनर्जी द्वारा इसे लेकर हंगामा खड़ा करना समझ से परे है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री को लिखे पत्र, जिसमें राज्यों के चुनाव के बाद संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की गई थी, पर प्रतिक्रिया देते हुए राजीव रंजन ने कहा कि यदि कांग्रेस वास्तव में महिलाओं के हित में काम करना चाहती है, तो उसे महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन करना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि छह दशकों से अधिक समय तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस महिलाओं को उनके अधिकार दिलाने में विफल रही है।
नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान पर राजीव रंजन ने कहा कि यह कानून उन धार्मिक अल्पसंख्यकों को राहत देने के उद्देश्य से लाया गया था, जो बांग्लादेश, अफगानिस्तान और पाकिस्तान में उत्पीड़न का सामना कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत में नागरिकता पाने के लिए आने वाले सभी आवेदकों को निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करना अनिवार्य होगा।
महिला आरक्षण विधेयक पर बोलते हुए राजीव रंजन ने इसे भारतीय संसदीय इतिहास की अभूतपूर्व घटना करार दिया। उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि उसने अपने लंबे शासनकाल में महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उनके अनुसार, यह विधेयक लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी और प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।
–आईएएनएस
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