चाओ लेची ने सिंगापुर के प्रधानमंत्री और श्रीलंका के संसद अध्यक्ष से मुलाकात की

बीजिंग, 27 मार्च (आईएएनएस)। चीनी राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा की स्थायी समिति के अध्यक्ष चाओ लेची ने 26 मार्च की दोपहर को हाईनान के बोआओ में सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग और श्रीलंका के संसद अध्यक्ष जगथ विक्रमारत्ने से अलग-अलग मुलाकात की, जो बोआओ फोरम फॉर एशिया वार्षिक सम्मेलन 2026 में भाग लेने के लिए चीन में थे।
वोंग के साथ अपनी मुलाकात के दौरान, चाओ लेची ने कहा कि दोनों देशों के नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन में, चीन और सिंगापुर के बीच सर्वांगीण, उच्च गुणवत्ता वाली और भविष्योन्मुखी साझेदारी ने निरंतर नई प्रगति की है। पिछले वर्ष, दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध स्थापना की 35वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रधानमंत्री वोंग ने आधिकारिक तौर पर चीन का दौरा किया और राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने उनसे मुलाकात की। उन्होंने नई परिस्थितियों में चीन-सिंगापुर संबंधों के विकास की रणनीतिक दिशा पर प्रकाश डाला। चीन, सिंगापुर के साथ मिलकर चीन-सिंगापुर संबंधों की राजनीतिक नींव को निरंतर सुदृढ़ करने, अर्थव्यवस्था और व्यापार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, संस्कृति और कानून जैसे क्षेत्रों में उच्च स्तरीय सहयोग को गहरा करने, आदान-प्रदान और पारस्परिक ज्ञान को मजबूत करने, जन-जन संबंधों को मजबूत करने, अपने-अपने आधुनिकीकरण प्रक्रियाओं को संयुक्त रूप से बढ़ावा देने, अंतरराष्ट्रीय निष्पक्षता और न्याय की संयुक्त रूप से रक्षा करने और क्षेत्रीय और वैश्विक शांति और समृद्धि में अधिक योगदान देने के लिए तत्पर है।
जगथ विक्रमारत्ने के साथ अपनी मुलाकात के दौरान, चाओ लेची ने कहा कि पिछले वर्ष जनवरी में, राष्ट्रपति शी चिनफिंग और चीन की राजकीय यात्रा पर आए राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके ने चीन-श्रीलंका रणनीतिक सहयोग साझेदारी को गहरा करने और साझा भविष्य वाले चीन-श्रीलंका समुदाय के निर्माण पर सहमति व्यक्त की थी। चीन दोनों राष्ट्राध्यक्षों द्वारा हासिल की गई महत्वपूर्ण सहमति को लागू करने, 15वीं पंचवर्षीय योजना को ‘डिजिटल श्रीलंका’ जैसी योजनाओं के अनुरूप बनाने, बेल्ट एंड रोड पहल जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने और दोनों देशों के बीच मित्रता के लिए जनमत को मजबूत करने के लिए श्रीलंका के साथ काम करने को तैयार है। चीनी राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा दोनों देशों के बीच व्यावहारिक सहयोग के लिए कानूनी गारंटी प्रदान करने के लिए विधायी और निगरानी संबंधी क्षेत्रों में श्रीलंकाई संसद के साथ अनुभव साझा करने को तैयार है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
–आईएएनएस
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