बीआरओ की परियोजना चेतक ने अपना 47वां स्थापना दिवस मनाया

नई दिल्ली, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की परियोजना चेतक ने शनिवार को राजस्थान के बीकानेर में अपना 47वां स्थापना दिवस मनाया।
इस मौके पर पश्चिमी क्षेत्र के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में चार दशकों से ज्यादा की समर्पित सेवा को याद किया गया। 1980 में इसी दिन शुरू हुई इस परियोजना ने राजस्थान, पंजाब और गुजरात के उत्तरी हिस्सों में इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और रखरखाव में अहम भूमिका निभाई है।
इस तरह इसने सीमावर्ती इलाकों को जोड़ने के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास में भी योगदान दिया है।
अपने आदर्श वाक्य ‘चेतक का प्रयास, देश का विकास’ के साथ, परियोजना चेतक भौगोलिक क्षेत्र के लिहाज से बीआरओ की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक है। इसके तहत 4,000 किलोमीटर से ज्यादा का सड़क नेटवर्क और 214 किलोमीटर की ‘खाई-सह-बांध’ (डिच कम बंड) शामिल है।
यह अंतरराष्ट्रीय सीमा की ओर जाने वाली मुख्य फीडर सड़कों का रखरखाव करके रक्षा बलों की सहायता करता है। इन सड़कों को ‘राष्ट्रीय राजमार्ग दो-लेन’ मानकों के अनुसार अपग्रेड करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
आपको बता दें कि इससे पहले सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की प्रोजेक्ट सेवक ने 15 फरवरी को दीमापुर में अपना 66वां स्थापना दिवस मनाया था। यह परियोजना पिछले छह दशकों से नागालैंड और मणिपुर जैसे रणनीतिक और भौगोलिक रूप से कठिन राज्यों में महत्वपूर्ण सेवाएं दे रही है।
1961 में शुरू हुई प्रोजेक्ट सेवक उत्तर-पूर्व क्षेत्र में सड़क और पुल जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास में अहम भूमिका निभा रही है। इससे सेना की तैयारी मजबूत हुई है और क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिला है।
दीमापुर मुख्यालय वाली प्रोजेक्ट सेवक बीआरओ की सबसे पुरानी परियोजनाओं में से एक है। “सेवक” नाम का अर्थ है “सेवा करने वाला,” जो कठिन परिस्थितियों में भी सेवा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसका प्रतीक चिह्न “क्रॉस्ड नागा स्पीयर्स” नागा जनजातियों की वीरता और समृद्ध परंपरा को दिखाता है।
–आईएएनएस
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