पश्चिम बंगाल चुनाव : 4,660 नए सहायक पोलिंग स्टेशन को मंजूरी, मतदाताओं को लंबी लाइन से मिलेगा छुटकारा

कोलकाता, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए मतदाताओं की सुविधा बढ़ाने के लिए चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लिया है। चुनाव आयोग ने राज्य में 4,660 सहायक मतदान केंद्र बनाने को मंजूरी दी है। ये नए केंद्र उन जगहों पर बनाए जाएंगे जहां किसी एक पोलिंग स्टेशन पर मतदाताओं की संख्या 1,200 से ज्यादा है।
इसके साथ ही आयोग ने 321 मौजूदा मतदान केंद्रों को मतदाताओं की सुविधा के लिए दूसरी जगह स्थानांतरित करने की भी अनुमति दी है। इन फैसलों के बाद अब पश्चिम बंगाल में कुल मतदान केंद्रों की संख्या, सहायक केंद्रों समेत, बढ़कर 85,379 हो गई है।
आयोग ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए कुछ अहम शर्तें भी तय की हैं। चुनाव आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सहायक मतदान केंद्र स्थापित करते समय ‘मतदान केंद्रों पर नियमावली, 2020’ के पैरा 4.2.2 में दिए गए सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए। साथ ही, जिन मतदान केंद्रों की लोकेशन बदली जा रही है, वहां के हर मतदाता को व्यक्तिगत रूप से इसकी जानकारी देना अनिवार्य होगा।
आयोग ने यह भी कहा है कि नए सहायक मतदान केंद्रों के निर्माण और पोलिंग स्टेशनों के स्थानांतरण की जानकारी संबंधित क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर प्रचारित की जाए। इसके अलावा सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को भी इस बारे में लिखित रूप में सूचित करना जरूरी होगा।
चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि इस प्रक्रिया से जुड़े सभी अधिकारियों को भी समय रहते पूरी जानकारी दी जाए, ताकि चुनाव प्रक्रिया सुचारू और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके।
यह कदम मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, जिससे लंबी कतारों से बचाव हो सके और ज्यादा से ज्यादा लोग आसानी से अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में कराए जा रहे हैं। पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर मतदान होगा जबकि दूसरे चरण में 29 अप्रैल को 142 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
–आईएएनएस
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