'हैरी पॉटर' ने बचपन में सहे कई दुख, बोले- अब बेटे के साथ बिताया हर पल खुशियों से भरा


लॉस एंजिल्स, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। हॉलीवुड स्टार डैनियल रैडक्लिफ के दुनिया भर में बड़ी संख्या में प्रशंसक हैं। हालांकि, बच्चों का ‘हैरी पॉटर’ फेम स्टार से खास रिश्ता है। अभिनेता ने अपने बचपन के बारे में खुलकर बात की। इस दौरान उन्होंने बताया कि उनके बचपन में कई पल ऐसे आए, जब वो टूट गए और बेहद दुखी हो गए थे।

‘हैरी पॉटर’ स्टार ने अपने कल की तुलना आज से करते हुए कहा कि मुझे नहीं लगता कि मेरा बचपन आज के रूप को पहचान पाएगा, क्योंकि अब मुझे जो खुशी मिल रही है, वह पहले नहीं थी। अपने ब्रॉडवे ड्रामा ‘एवरी ब्रिलियंट थिंग’ के एक शो के बाद ‘प्रोजेक्ट हेल्दी माइंड्स’ के साथ पैनल चर्चा में अभिनेता ने बताया, “मेरी जिंदगी में ऐसे भी पल आए हैं, जब मैं बहुत ज्यादा दुखी था, खासकर तब जब मैं बहुत छोटा था।”

उन्होंने बताया, “आज मैंने अपना दिन अपने 3 साल के बेटे के साथ सड़क पर टहलते हुए बिताया। वह बस मेरा हाथ पकड़े हुए था, बहुत प्यारा, मजेदार और नटखट लग रहा था और मेरे लिए यह बेहद खास है। मैं उसके साथ समय बिताकर बहुत खुशी महसूस करता हूं। अगर आप मुझे 20 साल की उम्र में आज की तस्वीरें दिखाते, तो मैं खुद को पहचान भी नहीं पाता।”

रैडक्लिफ ने कहा, “भविष्य में बहुत ज्यादा खुशी मिलने की पूरी संभावना है, भले ही आप अभी उस स्थिति में न हों। भविष्य को यह साबित करने का मौका देना हमेशा सही रहता है कि आप गलत थे। इसीलिए पॉजिटिव रहने की जरुरत होती है।”

‘एवरी ब्रिलियंट थिंग’ डिप्रेशन और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी मुश्किलों पर आधारित है। डैनियल को इस प्रोडक्शन का हिस्सा बनकर बहुत गर्व महसूस होता है। उन्होंने कहा, “यह अब तक का सबसे शानदार और अर्थपूर्ण शो है जो मैंने किया है। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े प्रोजेक्ट से जुड़ने का मौका मिलना सच में बहुत कम मिलता है। इस शो में एक परफॉर्मर के तौर पर आपको यह देखने का शानदार नजरिया मिलता है कि लोग कितने बेहतरीन और विनम्र हो सकते हैं।”

डैनियल पहले भी बता चुके हैं कि उनके बेटे ने उन्हें जिंदगी आसान बनाने और सिगरेट छोड़ने के लिए बहुत प्रेरित किया। उन्होंने बताया था, “मैंने 20 साल तक बहुत ज्यादा सिगरेट पी और कभी छोड़ने के बारे में सोचा भी नहीं था। लेकिन, बेटे के जन्म के बाद अपनी मौत के बार-बार आने वाले विचारों ने मुझे सिगरेट छोड़ने के लिए प्रेरित किया। मुझे किताब ‘द ईजी वे टू क्विट स्मोकिंग’ दी गई, जिसने मेरे लिए बहुत अच्छा काम किया।”

–आईएएनएस

एमटी/एबीएम


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