केंद्र सरकार ने दीनदयाल पोर्ट पर आरओबी प्रोजेक्ट के लिए मंजूर किए 132.51 करोड़ रुपए


नई दिल्ली, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को गुजरात के दीनदयाल पोर्ट पर रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) के लिए 132.51 करोड़ रुपए मंजूर किए।

केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री (एमओपीएसडब्ल्यू) सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, “यह प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में आधुनिक, कुशल और निर्बाध बंदरगाह-आधारित कनेक्टिविटी के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। दीनदयाल पोर्ट पर बनने वाला आरओबी महत्वपूर्ण बाधाओं को दूर करेगा, माल ढुलाई में सुधार करेगा और भारत की लॉजिस्टिक्स दक्षता को मजबूत करेगा।”

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा,सागरमाला कार्यक्रम और प्रधानमंत्री गति शक्ति के अनुरूप, “हम एक एकीकृत इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण कर रहे हैं जो व्यापार को गति प्रदान करती है, सुरक्षा बढ़ाती है और आर्थिक विकास को समर्थन देती है। यह विश्व स्तरीय पोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर के निर्माण और वैश्विक समुद्री केंद्र के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।”

यह प्रोजेक्ट सागरमाला कार्यक्रम का अभिन्न अंग है और प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के उद्देश्यों के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य पूरे देश में बहु-मार्गीय संपर्क और लॉजिस्टिक्स दक्षता को बढ़ाना है। वर्तमान में इसका निर्माण कार्य पश्चिमी रेलवे द्वारा अग्रिम भुगतान के आधार पर किया जा रहा है।

पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मं मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में हाल ही में डेलीगेटेड इन्वेस्टमेंट बोर्ड (डीआईबी) द्वारा इस प्रस्ताव का मूल्यांकन किया गया।

आधुनिक सुरक्षा मानकों और तकनीकी विशिष्टताओं के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए परियोजना की संशोधित लागत की जांच की गई।

प्रस्तावित आरओबी पोर्ट पर मौजूदा लॉजिस्टिक्स संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए डिजeइन किया गया एक महत्वपूर्ण इन्फ्रास्ट्रक्चर है।

रेल क्रॉसिंग पर सुगम आवागमन को सक्षम बनाकर, यह परियोजना बाधाओं को दूर करेगी, बंदरगाह की ओर जाने वाले माल के निर्बाध प्रवाह को सुनिश्चित करेगी और दीनदयाल पोर्ट पर परिचालन दक्षता में उल्लेखनीय सुधार करेगी।

मंत्रालय ने कहा कि इसके पूरा होने पर, भीड़ कम होने, माल की निकासी में तेजी आने और देश की समग्र समुद्री रसद श्रृंखला को मजबूत करने की उम्मीद है।

–आईएएनएस

एबीएस


Show More
Back to top button