शहीद दिवस पर गृह मंत्री अमित शाह समेत कई नेताओं ने किया भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को नमन


नई दिल्ली, 23 मार्च (आईएएनएस)। शहीद दिवस के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला समेत कई बड़े नेताओं ने महान क्रांतिकारियों भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को श्रद्धांजलि अर्पित की है। नेताओं ने क्रांतिकारियों के साहस, त्याग व राष्ट्रप्रेम को भी याद किया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरु भारतीय स्वाधीनता आंदोलन के ऐसे युगपुरुष हुए, जिन्होंने अपने विचार और व्यवहार, दोनों से मातृभूमि की आजादी के लिए युवाओं को प्रेरित किया। इन वीरों के पराक्रम की गूंज ने पूरी अंग्रेजी हुकूमत को भयभीत कर दिया। मातृभूमि की आजादी के लिए फांसी के फंदे पर झूल जाने वाले इन वीरों की वीरगाथा का स्मरण कर रोम-रोम राष्ट्रभक्ति से भर उठता है। भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरु को उनके ‘शहीदी दिवस’ पर स्मरण कर कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से उनका वंदन करता हूं।”

लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “अमर बलिदानी शहीद सरदार भगत सिंह जी, राजगुरु जी और सुखदेव जी के बलिदान दिवस पर भावपूर्ण स्मरण। देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते अपने प्राणों का बलिदान देने वाले इन वीर राष्ट्रभक्तों ने साहस, त्याग और देशप्रेम की अद्वितीय मिसाल पेश की। उनका जज्बा और आदर्श आज भी हर भारतीय के हृदय में राष्ट्रसेवा की प्रेरणा जगाते हैं। मातृभूमि के प्रति यह समर्पण सदैव हमारे लिए प्रेरक रहेगा।”

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, “इंकलाब की ज्योति प्रज्वलित करने वाले अमर बलिदानी भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का त्याग भारत के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। उनका साहस, समर्पण और राष्ट्रप्रेम की भावना सदियों तक हमें ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ की प्रेरणा देती रहेगी। आज बलिदान दिवस पर वीर हुतात्माओं को विनम्र श्रद्धांजलि।”

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को उनके बलिदान दिवस पर नमन करते हुए कहा, “उनका साहस और देशप्रेम आज भी हम सभी के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत है।”

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पोस्ट किया, “महान क्रांतिकारी अमर शहीद भगत सिंह जी, राजगुरु जी और सुखदेव जी के बलिदान दिवस पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए उनका अदम्य साहस, त्याग और बलिदान भारतीय इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है। उनकी वीरता की गाथा हमें केवल प्रेरणा ही नहीं देती, बल्कि राष्ट्र के लिए समर्पित जीवन जीने और हर चुनौती का डटकर सामना करने का संकल्प भी जगाती है।”

–आईएएनएस

डीसीएच/


Show More
Back to top button