गुजरात : चना और सरसों की एमएसपी खरीद 23 मार्च से होगी शुरू


गांधीनगर, 22 मार्च (आईएएनएस)। गुजरात सरकार सोमवार यानी 23 मार्च से पूरे राज्य में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर चना और सरसों की खरीद शुरू करेगी। इस संबंध में कृषि मंत्री जीतू वाघाणी ने रविवार को जानकारी दी।

कृषि मंत्री जीतू वाघाणी ने कहा कि गुजरात सरकार 23 मार्च से राज्य भर में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर चना और सरसों की खरीद शुरू करेगी, जिसके लिए 29 लाख से अधिक पंजीकृत किसानों को कवर करने की व्यवस्था की गई है।

किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जाने वाली यह खरीद प्रक्रिया, पंजीकरण आंकड़ों, बुवाई क्षेत्र और अपेक्षित उत्पादन के आधार पर स्थापित नामित केंद्रों के नेटवर्क के माध्यम से संचालित की जाएगी। चने की खरीद के लिए कुल 165 केंद्र और सरसों की खरीद के लिए 60 केंद्र स्थापित किए गए हैं।

मंत्री के मुताबिक, 25 लाख से अधिक किसानों ने चना बेचने के लिए पंजीकरण कराया है, जबकि इस सीजन में 37,000 से अधिक किसानों ने सरसों की खरीद के लिए पंजीकरण कराया है। सभी पंजीकृत किसानों से पर्याप्त मात्रा में माल खरीदा जाएगा।

वाघाणी ने कहा, “मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में खरीद प्रक्रिया के लिए सभी अग्रिम योजना पूरी कर ली गई है। किसानों की सुविधा के लिए राज्य भर में पर्याप्त व्यवस्था की गई है।”

सरकार ने इस वर्ष प्रक्रिया को सुगम बनाने और पारदर्शिता में सुधार लाने के लिए अतिरिक्त उपाय पेश किए हैं। पहली बार, आधार-आधारित बायोमेट्रिक या चेहरे की प्रमाणीकरण प्रणाली का उपयोग खरीद केंद्रों पर किसानों के सत्यापन के लिए किया जाएगा, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल पंजीकृत लाभार्थी ही बिक्री में भाग लें। जिन मामलों में अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण किसान उपस्थित नहीं हो पाता है, उन मामलों में किसान द्वारा अधिकृत किसी व्यक्ति को उनकी ओर से लेन-देन पूरा करने की अनुमति दी जाएगी।

अधिकारियों ने कहा, “खरीद केंद्रों पर भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए, किसानों को एसएमएस के माध्यम से पहले से ही उनकी उपज लाने की निर्धारित तिथि और समय के बारे में सूचित किया जाएगा।”

अधिकारियों ने किसानों से सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित समय का पालन करने का आग्रह किया है। यह खरीद अभियान कई जिलों में चलने की उम्मीद है, जिसमें राज्य सरकार आगमन को विनियमित करने, केंद्रों पर भीड़भाड़ से बचने और प्रक्रिया की निगरानी बनाए रखने के लिए पंजीकरण-आधारित प्रणाली पर निर्भर करेगी।

–आईएएनएस

एएसएच/एबीएम


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