मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष मानवीय और आर्थिक दृष्टिकोण से दुखद, जल्द शांति बहाली जरूरी: रीता बहुगुणा


लखनऊ, 21 मार्च (आईएएनएस)। मिडिल ईस्ट में जारी तनावपूर्ण हालात के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता रीता बहुगुणा जोशी ने इस स्थिति को मानवीय और आर्थिक दोनों दृष्टिकोण से दुखद बताते हुए जल्द शांति बहाली की आवश्यकता पर जोर दिया।

रीता बहुगुणा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में चिंता जताते हुए कहा कि भारत सरकार के साथ-साथ देश के नागरिक भी इस स्थिति को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि मध्य एशिया और मध्य-पूर्व के देश भारत को तेल और सीएनजी गैस की आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, ऐसे में वहां जारी अशांति का असर वैश्विक और भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत हमेशा से युद्ध के बजाय कूटनीति में विश्वास करता रहा है और मौजूदा हालात में भी भारत बातचीत के जरिए समाधान चाहता है।

उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी लगातार विभिन्न देशों के प्रमुखों से संवाद कर रहे हैं, ताकि इस संकट का जल्द से जल्द समाधान निकल सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि निकट भविष्य में कोई सकारात्मक रास्ता निकलेगा, अन्यथा इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर गंभीर रूप से पड़ सकता है। उन्होंने इस स्थिति को मानवीय और आर्थिक दोनों दृष्टिकोण से दुखद बताते हुए जल्द शांति बहाली की आवश्यकता पर जोर दिया।

वहीं, आगामी पांच राज्यों में होने वाले चुनावों को लेकर उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दल पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतर रहे हैं और भारतीय जनता पार्टी भी मजबूती से चुनाव लड़ रही है। उन्होंने विशेष रूप से असम का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां भाजपा लगातार दो बार सरकार बना चुकी है और तीसरी बार भी पार्टी की स्थिति बेहद मजबूत है। उन्होंने विश्वास जताया कि जिस तरह देश के 21 राज्यों में एनडीए की सरकारें बनी हैं, उसी तरह आने वाले चुनावी राज्यों में भी पार्टी को सफलता मिलेगी और वह सरकार बनाने में कामयाब होगी।

–आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी


Show More
Back to top button