विपक्षी विधायकों के वॉकआउट के बीच ओडिशा विधानसभा ने विनियोग विधेयक पारित किया


भुवनेश्वर, 31 मार्च (आईएएनएस)। विपक्षी विधायकों के वॉकआउट के बावजूद, ओडिशा विधानसभा ने मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विनियोग विधेयक पारित कर दिया।

इस विधेयक के पारित होने के साथ ही सरकार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान अपने खर्चों को पूरा करने के लिए राज्य की संचित निधि से 3.10 लाख करोड़ रुपए के बजटीय आवंटन को निकालने और खर्च करने का कानूनी अधिकार प्राप्त हो गया।

विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए मुख्यमंत्री माझी ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कुल बजट अनुमान 3.10 लाख करोड़ रुपए है, जो पिछले वर्ष के बजट अनुमान से लगभग 7 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने यह भी बताया कि इसमें से प्रस्तावित कार्यक्रम व्यय 1.80 लाख करोड़ रुपए है, जो कुल बजट का 58 प्रतिशत है।

पूंजीगत व्यय 72,100 करोड़ रुपए अनुमानित है, जो सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का 6.5 प्रतिशत है—देश के प्रमुख राज्यों में सबसे अधिक—जो व्यय की गुणवत्ता को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि हमारी सरकार द्वारा प्रस्तुत वार्षिक बजट 2026-27 गरीबों, युवाओं, किसानों और महिलाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने और राज्य की 4.5 करोड़ आबादी के सामाजिक, आर्थिक और समग्र विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जहां कई राज्य भारी कर्ज और बढ़ते ब्याज भुगतान से जूझ रहे हैं, वहीं ओडिशा विकास के पथ पर लगातार प्रगति कर रहा है।

राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन (एफआरबीएम) अधिनियम का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करते हुए माझी ने बताया कि राज्य का ऋण-से-जीडीपी अनुपात 14.1 प्रतिशत है, जो एफआरबीएम अधिनियम द्वारा निर्धारित 25 प्रतिशत की सीमा से काफी कम है।

इसी प्रकार, ओडिशा का ब्याज भुगतान-से-राजस्व प्राप्तियों का अनुपात 3.3 प्रतिशत है, जो 15 प्रतिशत की सीमा से काफी कम है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि ओडिशा का राजकोषीय घाटा जीडीपी का लगभग 3.5 प्रतिशत अनुमानित है।

–आईएएनएस

एमएस/


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