ईरानी राष्ट्रपति ने इराक के लोगों का जताया आभार, बोले 'साझी लड़ाई में आपका साथ मददगार'

तेहरान, 31 मार्च (आईएएनएस)। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने युद्ध के दौरान समर्थन देने पर इराकी लोगों का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि इराकी जनता इस संघर्ष में मजबूती से ईरान के साथ खड़ी रही।
एक्स पर जारी बयान में उन्होंने कहा कि इराक ने इस अन्यायपूर्ण संघर्ष में ईरान के साथ पूरी हिम्मत से कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया। यह समर्थन केवल भौगोलिक कारणों से नहीं, बल्कि साझा इतिहास, पहचान और धार्मिक मूल्यों की वजह से है।
शनिवार और रविवार को ईरानी और इराकी मीडिया आउटलेट्स की ओर से ऑनलाइन साझा किए गए फुटेज में, हशद अल-शाबी, जिसे ईरान-समर्थित लड़ाकों के ‘पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेस’ (पीएमएफ) नाम से भी जाना जाता है, का एक काफिला ईरान में प्रवेश करते हुए दिखाई दिया।
ईरानी मीडिया ने इसे “इराक के लोगों की ओर से मानवीय सहायता का पहला काफिला” करार दिया था।
हाल ही में इस संघर्ष में इराक भी शामिल हो गया। ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के हमले शुरू होने के बाद से ही, देश में हिंसा की वजह से अब तक 10-12 लोगों की जान जा चुकी है।
पीएमएफ से जुड़े ईरान समर्थक गुट ने—जो सरकार के अंदर और बाहर, दोनों जगह काम करता है—बगदाद में अमेरिकी दूतावास, इराक में मौजूद अमेरिकी सैनिकों के ठिकानों, और इराकी कुर्दिस्तान में अमेरिका से जुड़े स्थलों (जैसे कि होटलों) पर ड्रोन और रॉकेट से हमले किए हैं।
पिछले हफ्ते, पीएमएफ ने दावा किया था कि एक इराकी सैन्य ठिकाने और पीएमएफ मुख्यालय पर हुए हमलों के लिए वाशिंगटन ही जिम्मेदार था, और इन हमलों में इराकी सुरक्षा अधिकारियों की जान चली गई थी। इस तरह के हमले—भले ही वे ईरान-समर्थक पीएमएफ गुटों को निशाना बनाकर किए गए हों—लेकिन इराकी सेना और पीएमएफ के बीच आपसी तालमेल और करीबी सहयोग को देखते हुए, इनसे इराकी सैनिकों की मौत होना तय है।
हालांकि वाशिंगटन ने इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली, फिर भी इराक के प्रधानमंत्री ने विदेश मंत्रालय को निर्देश दिया कि वे अमेरिकी दूतावास के ‘चार्ज डी अफेयर्स’ (कार्यवाहक राजदूत) को तलब करें।
–आईएएनएस
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