ईरान की सैन्य क्षमताएं हो गईं कमजोर, चाह कर भी नहीं कर सकते हमला: रक्षा सचिव हेगसेथ

वॉशिंगटन, 19 मार्च (आईएएनएस)। संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान के भीतर सात हजार से अधिक ठिकानों पर हमले किए और अपने अभियानों को तेज कर दिया है। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि संघर्ष आक्रामक चरण में प्रवेश कर चुका है और ईरान की सैन्य क्षमताओं को काफी हद तक कमजोर कर दिया गया है।
पीट हेगसेथ ने कहा, “हम निर्णायक रूप से और अपनी शर्तों पर जीत रहे हैं।”
पेंटागन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हेगसेथ ने इस चिंता को भी खारिज कर दिया कि यह युद्ध लंबा खिंच सकता है।
उन्होंने कहा कि यह अभियान पूरी तरह से केंद्रित और निर्णायक बना हुआ है, जिसका उद्देश्य ईरान की मिसाइल प्रणालियों, रक्षा उद्योग और नौसैनिक शक्ति को समाप्त करना है, साथ ही उसे परमाणु हथियार प्राप्त करने से रोकना है।
हेगसेथ ने कहा कि अमेरिकी बलों पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले संघर्ष शुरू होने के बाद से 90 प्रतिशत कम हो गए हैं, और इसी तरह ड्रोन हमलों में भी गिरावट देखी गई है।
उन्होंने कहा, “हम यह जानते हैं कि अगर ईरानी कुछ कर पाते तो और भी ज्यादा हमले करते, लेकिन अब वे ऐसा नहीं कर सकते।”
जॉइंट चीफ्स के चेयरमैन जनरल डैन केन ने कहा कि अमेरिकी बल योजना के अनुसार काम कर रहे हैं और वह जमीन के नीचे बनी सुविधाओं समेत और भी अंदरूनी ठिकानों पर हमले जारी रखे हुए है।
केन ने कहा, “अमेरिकी सेना ने बुधवार को भूमिगत भंडारण ठिकानों पर पांच हजार पाउंड के पेनेट्रेटर हथियार गिराए।”
कैन ने कहा, “ऑपरेशन अब पूर्व की ओर और आगे बढ़ रहे हैं तथा ईरानी हवाई क्षेत्र में और गहराई तक प्रवेश कर रहे हैं।”
कैन ने बताया कि अमेरिका ने ईरान की नौसैनिक क्षमताओं को भी निशाना बनाया है। हेगसेथ ने कहा कि 120 से अधिक जहाजों को नुकसान पहुंचाया गया या वे डूब गए और दावा किया कि ईरान का पनडुब्बी बेड़ा प्रभावी रूप से निष्क्रिय कर दिया गया है। उनका सतही बेड़ा अब कोई मायने नहीं रखता।
कैन ने ऑपरेशनल गतिविधियों का विवरण देते हुए कहा कि अमेरिकी बल ईरान की मिसाइल क्षमताओं के खिलाफ अपने प्रयासों में निरंतर सक्रिय है और खदान भंडारण सुविधाओं तथा नौसैनिक गोला-बारूद डिपो को खोजने और नष्ट करने का काम जारी रखे हुए हैं।
पेंटागन ने हवाई शक्ति के बढ़ते उपयोग को भी रेखांकित किया। ए-10 विमान और एएच-64 अपाचे हेलीकॉप्टर अब दक्षिणी मोर्चे पर, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य भी शामिल है, सक्रिय हैं और तेज हमलावर नौकाओं तथा ड्रोन ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। बी-1, बी-2 और बी-52 जैसे बॉम्बर विमान लंबी दूरी के मिशनों पर काम कर रहे हैं, जिन्हें व्यापक हवाई ईंधन भरने का समर्थन मिल रहा है।
ऑपरेशन की तीव्रता के बावजूद अमेरिकी अधिकारियों ने अभियान समाप्त करने की कोई समय-सीमा नहीं दी।
हेगसेथ ने कहा कि हम अपनी योजना के अनुसार आगे बढ़ रहे हैं, और यह निर्णय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निर्भर करेगा कि ऑपरेशन कब समाप्त करना है।
रक्षा सचिव ने इस संघर्ष को ईरान की लंबे समय से चली आ रही हरकतों का सीधा जवाब बताया। उन्होंने कहा, “वे 47 सालों से हमारे साथ युद्ध की स्थिति में हैं, चाहे हम इसे स्वीकार करें या न करें।” इसके लिए उन्होंने अमेरिकी कर्मियों पर हुए हमलों और कई अलग-अलग जगहों पर उग्रवादी समूहों को दिए जा रहे समर्थन का हवाला दिया।
जनरल कैन ने कहा कि ईरान के पास अभी भी कुछ आक्रामक क्षमता है। वे इस लड़ाई में काफी हथियारों के साथ आए थे। उन्होंने कहा कि और क्षेत्र में बहुस्तरीय रक्षा प्रणालियों की आवश्यकता तथा मिसाइल प्रक्षेपणों के जारी रहने का उल्लेख किया।
हेगसेथ ने क्षेत्रीय सहयोगियों के मजबूत समर्थन की भी पुष्टि की। खाड़ी देश बेहद आगे आए हैं। उन्होंने कहा कि यूएई, कतर, बहरीन, कुवैत और सऊदी अरब जैसे देशों को इजरायल के साथ प्रमुख साझेदार बताया।
पेंटागन ने बताया कि देश के अंदर इंटरनेट बंद होने के बीच, वह ईरान के दुष्प्रचार के प्रयासों का भी मुकाबला कर रहा है। हेगसेथ ने ईरानी शासन पर इस संघर्ष को लेकर लोगों की सोच को प्रभावित करने के लिए एआई से बनी नकली तस्वीरें फैलाने का आरोप लगाया।
–आईएएनएस
एवाई/डीकेपी