मदन लाल: भारत के दिग्गज ऑलराउंडर, जिन्होंने फेंकी वर्ल्ड कप इतिहास की पहली गेंद


नई दिल्ली, 19 मार्च (आईएएनएस)। पूर्व भारतीय ऑलराउंडर मदन लाल ने 1970–80 के दशक में भारतीय क्रिकेट टीम के लिए अहम भूमिका निभाई। मध्यम गति के गेंदबाज और उपयोगी बल्लेबाज मदन लाल का विश्व कप 1983 की जीत में योगदान यादगार रहा, जिन्होंने खिताबी मैच में 12 ओवर गेंदबाजी करते हुए महज 31 रन देकर 3 विकेट निकाले थे। इनके नाम क्रिकेट वर्ल्ड कप इतिहास की पहली गेंद फेंकने का रिकॉर्ड भी है।

20 मार्च 1951 को अमृतसर में जन्मे मदन लाल ने घरेलू सर्किट में शानदार प्रदर्शन के साथ भारतीय टीम में जगह बनाई। जून 1974 में उन्हें भारतीय टीम में स्थान मिला।

मदन लाल ने साल 1974 में तीन टेस्ट मैच खेले, जिसमें 7 विकेट हासिल किए। अगले साल उन्हें सिर्फ 1 ही मैच खेलने का मौका मिला। साल 1976 और 1977 में मदन लाल ने कुल 12 टेस्ट खेले, जिसमें 22 विकेट निकाले, लेकिन इसके बाद काफी समय तक टीम से बाहर रहना पड़ा।

साल 1981 में मदन लाल ने एक बार फिर भारतीय टेस्ट टीम में वापसी की। इस साल उन्होंने सिर्फ 3 मुकाबलों में 16.33 की औसत से 12 विकेट हासिल किए। साल 1982-1986 के बीच 20 मुकाबलों में मदन लाल ने कुल 30 विकेट अपने नाम किए। सितंबर 1983 में मदन लाल ने पाकिस्तान के खिलाफ 74 रन की पारी खेलते हुए टीम इंडिया को मुश्किल हालात से निकालकर मैच ड्रॉ करवाने में मदद की थी। टेस्ट फॉर्मेट में मदन लाल के ओवरऑल प्रदर्शन को देखें, तो उन्होंने 39 मुकाबलों में 71 विकेट हासिल किए। इसके साथ बल्ले से 1,042 रन जोड़े।

वनडे फॉर्मेट में मदन लाल के आंकड़ों पर नजर डालें, तो उन्होंने 67 मुकाबलों में 29.27 की औसत से 73 विकेट निकाले। इस दौरान साल 1983 में 17 मैचों में 25 विकेट अपने नाम किए। इस फॉर्मेट में मदन लाल के नाम 401 रन भी दर्ज हैं। वनडे वर्ल्ड कप की शुरुआत साल 1975 में हुई थी। पहला मैच 7 जून को भारत और इंग्लैंड के बीच खेला गया था। मदन लाल वर्ल्ड कप इतिहास की पहली गेंद फेंकने वाले खिलाड़ी हैं।

इस ऐतिहासिक मुकाबले में मदन लाल ने 12 ओवरों में 64 रन देकर 1 सफलता हासिल की थी। इंग्लैंड ने 60 ओवरों के खेल में 4 विकेट खोकर 334 रन बनाए। इसके जवाब में टीम इंडिया निर्धारित ओवरों में 3 विकेट खोकर सिर्फ 132 रन ही बना सकी। इंग्लैंड ने यह मैच 202 रन से अपने नाम किया।

मदन लाल ने अपने करियर में 232 फर्स्ट क्लास मैच खेले, जिसमें 25.50 की औसत के साथ 625 विकेट निकाले। इस बीच 22 शतक और 50 अर्धशतक की मदद से 10,204 रन जोड़े। इसके अलावा, 111 लिस्ट-ए मैचों में 119 विकेट के साथ 1,171 रन जुटाए। रणजी ट्रॉफी में मदन लाल ने 5270 रन बनाने के साथ 351 विकेट हासिल किए।

रिटायरमेंट के बाद मदन लाल भारत की ए टीम के कोच रहे। इसके बाद उन्होंने सीनियर टीम के कोच और फिर राष्ट्रीय चयनकर्ता बनकर इस खेल में अपना अहम योगदान दिया।

–आईएएनएस

आरएसजी


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