अमेरिका ने चीन की एआई और रोबोट तकनीक से दी खतरे की चेतावनी


वॉशिंगटन, 18 मार्च (आईएएनएस)। अमेरकी सांसदों और उद्योग विशेषज्ञों ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रोबोटिक्स और स्वायत्त प्रणालियों में चीन की प्रगति एक बढ़ता हुआ राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिम पैदा कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह चिंता डेटा तक पहुंच, साइबर कमजोरियों, आपूर्ति श्रृंखला पर निर्भरता और सैन्य उपयोग जैसे कई पहलुओं से जुड़ी हुई है।

हाउस होमलैंड सिक्योरिटी उपसमिति की सुनवाई में अध्यक्ष एंड्रयू गारबारिनो ने कहा कि यह चुनौती अब “संयुक्त राज्य अमेरिका के भीतर” ही सामने आ रही है।

उन्होंने कहा कि पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना “आक्रामक तरीके से उन तकनीकों पर प्रभुत्व स्थापित करने की कोशिश कर रहा है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा को बदल रही हैं, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और स्वायत्त प्रणालियां शामिल हैं।”

गारबारिनो ने चीनी एआई कंपनी डीपसीक और रोबोटिक्स कंपनी यूनिट्री का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि डीपसीक ने जनवरी 2025 में एक ऐसा मॉडल जारी किया, जो शीर्ष अमेरिकी प्रणालियों के बराबर था, वह भी “ऐसी लागत पर जो अमेरिकी कंपनियों के निवेश का केवल एक छोटा हिस्सा बताई गई,” जिससे बाजार में हलचल मच गई और कुछ लोगों ने इसे “एआई स्पुतनिक मोमेंट” कहा।

उन्होंने कहा कि असली चिंता यह है कि डीपसीक ने “संभवतः अग्रणी अमेरिकी एआई प्रणालियों के आउटपुट को अपने प्रशिक्षण में शामिल किया, और इस तरह वैध निवेश से विकसित क्षमताओं की अवैध रिवर्स इंजीनियरिंग की।”

उन्होंने आरोप लगाया, “डीपसीक ने केवल प्रतिस्पर्धा नहीं की, बल्कि इन खुलासों के अनुसार उसने अमेरिकी कंपनियों से चोरी की।”

उन्होंने चेतावनी भी दी कि कंपनी का ऐप एप्पल ऐप स्टोर पर उपलब्ध है और “हर इंटरैक्शन चीन में स्थित सर्वरों पर संग्रहित होता है, जहां अधिकारी उस डेटा तक पहुंच की मांग कर सकते हैं।”

उद्योग और नीति विशेषज्ञों ने अमेरिका से कड़ा रुख अपनाने की मांग की।

स्केल एआई के मैक्स फिंकेल ने कहा कि अमेरिका “उन पहलुओं में आगे है जिन्हें वाशिंगटन मापता है—मॉडल और चिप्स—लेकिन हम वहां पीछे हैं जहां भविष्य तय होगा, यानी डेटा और उसका उपयोग।” उन्होंने कहा कि चीन के पास “वर्तमान में व्यावसायिक रूप से उपलब्ध रोबोटिक्स एआई डेटा बाजार का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा” है और वह इस क्षेत्र में कहीं अधिक निवेश कर रहा है।

बोस्टन डायनेमिक्स के मैथ्यू मोलचानोव ने कहा कि रोबोटिक्स को नीति में शीर्ष प्राथमिकता मिलनी चाहिए क्योंकि उन्नत रोबोट “एआई का भौतिक रूप” हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि रोबोट से छेड़छाड़ की गई, तो वे सामान्य कनेक्टेड उपकरणों से अधिक खतरनाक हो सकते हैं।

उन्होंने कहा, “हमलावर इन प्रणालियों को नुकसान पहुंचाकर उत्पादन लाइनों में बाधा डाल सकते हैं या सुरक्षा गश्त को रोक सकते हैं,” उन्होंने कहा।

एसोसिएशन फॉर अनक्रूड व्हीकल सिस्टम्स इंटरनेशनल के माइकल रॉबिन्स ने कहा कि अमेरिका पहले ड्रोन के मामले में ऐसा पैटर्न देख चुका है।

उन्होंने आरोप लगाया कि चीन “संगठित रणनीति के तहत अमेरिकी रोबोटिक्स औद्योगिक आधार को कमजोर करने और महत्वपूर्ण ढांचे में ट्रोजन हॉर्स स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।”

काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस के रश दोशी ने कहा कि चीन ने जितना सोचा गया था उससे कहीं तेज प्रगति की है। “2024 में चीनी कारखानों ने लगभग 3 लाख नए औद्योगिक रोबोट लगाए, जबकि अमेरिकी कारखानों ने 30 हजार लगाए।”

उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि चीनी कानून जासूसी के जोखिम पैदा करते हैं, क्योंकि कंपनियों को राज्य खुफिया एजेंसियों के साथ सहयोग करने के लिए बाध्य किया जा सकता है।

रैंकिंग सदस्य प्रतिनिधि एरिक स्वालवेल ने चीन की तकनीकी प्रतिस्पर्धा को लेकर चिंता जताई, लेकिन साथ ही ट्रंप प्रशासन की भी आलोचना की।

उन्होंने कहा कि सीआईएसए, नेशनल साइंस फाउंडेशन और एनआईएसटी जैसी एजेंसियों में कटौती ने “उस समय अमेरिका की अपनी रक्षा को कमजोर किया है जब तकनीकी प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है।”

विशेषज्ञों ने संवेदनशील संघीय क्षेत्रों में चीनी तकनीकों की खरीद पर प्रतिबंध का समर्थन किया। जब गारबारिनो ने पूछा कि क्या कांग्रेस को हुआवेई या डीजेआई जैसी कंपनियों पर लगाए गए प्रतिबंधों जैसे कदमों पर विचार करना चाहिए, तो सभी पैनलिस्ट सहमत थे।

हाल के वर्षों में, कांग्रेस और कई प्रशासन ने चीनी टेलीकॉम उपकरण, ड्रोन, सेमीकंडक्टर निर्यात और कनेक्टेड वाहनों पर निगरानी और सख्ती बढ़ाई है।

–आईएएनएस

पीएम


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