रामपुर में समाजवादी पार्टी के नेता यूसुफ मलिक के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया

रामपुर, 16 मार्च (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की रामपुर पुलिस ने समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता यूसुफ मलिक के खिलाफ गंज थाने में मुकदमा दर्ज किया है।
आरोप है कि उन्होंने बिना आजम खान से मिले उनके नाम पर झूठा बयान मीडिया को दिया, जिससे दो समुदायों के बीच नफरत फैलाने की कोशिश की गई।
पुलिस के अनुसार, यूसुफ मलिक ने 14 मार्च को रामपुर जेल के बाहर मीडिया से बातचीत में दावा किया था कि यह बयान आजम खान ने दिया है। उन्होंने कहा था कि आजम खान ने मुसलमानों, खासकर सुन्नी मुसलमानों से अपील की है कि इस बार ईद पर काले कपड़े पहनें, नए कपड़े न पहनें और ईरान में इजरायल द्वारा कथित तौर पर मारी गई 160 बच्चियों के गम में काली पट्टियां बांधकर नमाज पढ़ें।
साथ ही उन्होंने कहा था कि कहकहे लगाकर न हंसें और सुन्नी मुसलमानों का सहयोग करें। यूसुफ मलिक ने यह भी दावा किया था कि आजम खान ने अब्दुल्ला आजम से मुलाकात की है।
वहीं, उप निरीक्षक प्रेमचंद ने बताया कि जांच में पता चला है कि 14 मार्च को यूसुफ मलिक ने आजम खान से कोई मुलाकात नहीं की थी। उन्होंने बिना किसी मुलाकात के आजम खान के नाम पर झूठा बयान देकर मीडिया में फैलाया, जिससे समुदायों के बीच नफरत फैलाने का अपराध हुआ। इस आधार पर उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 196(1), 353(2) और 57 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस ने कहा कि यह बयान सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाला था और जांच में झूठ साबित हुआ है। मामले की जांच जारी है और आगे के सबूत जुटाए जा रहे हैं। यूसुफ मलिक के इस बयान ने स्थानीय स्तर पर काफी विवाद पैदा किया था।
–आईएएनएस
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