दरोगा भर्ती परीक्षा के प्रश्न पर विवाद: 'अवसरवादी' के विकल्प में 'पंडित' लिखने पर एनएचआरसी सदस्य प्रियांक कानूनगो ने लिया संज्ञान


नई दिल्ली, 15 मार्च (आईएएनएस)। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के प्रियांक कानूनगो ने उत्तर प्रदेश में दरोगा भर्ती परीक्षा में अवसरवादी के विकल्प में ‘पंडित’ ऑप्शन दिए जाने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि किसी भी समूह को जातिगत पहचान के आधार पर चिन्हित कर अपमानित करना उनकी भावनाएं आहत करना उनके मानव अधिकारों का उल्लंघन है।

प्रियांक कानूनगो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रश्नपत्र की फोटो शेयर करते हुए लिखा, “उत्तर प्रदेश सरकार के पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा में ‘पंडित’ शब्द का इस्तेमाल अवसरवादी के रूप में निरूपित किए जाने का वैकल्पिक प्रश्न दिया जाना निंदनीय कार्य है किसी भी समूह को जातिगत पहचान के आधार पर चिन्हित कर अपमानित करना उनकी भावनाएं आहत करना उनके मानव अधिकारों का उल्लंघन है।”

एनएचआरसी के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने आगे कहा है, “शिकायत के आधार पर हम कार्यवाही कर रहे हैं।”

प्रियांक कानूनगो की ओर से शेयर किए गए प्रश्नपत्र में पूछा गया, “‘अवसर के अनुसार बदल जाने वाला’ इस वाक्यांश के लिए एक शब्द का चयन कीजिए।” इसके लिए चार विकल्प दिए गए, जिसमें ‘पंडित’, ‘अवसरवादी’, ‘निष्कपट और ‘सदाचारी’ शब्द शामिल थे।

इसको लेकर विवाद के बीच रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रवैया अपनाया। मुख्यमंत्री योगी ने सभी भर्ती बोर्ड के चेयरपर्सन्स को निर्देश दिया कि किसी भी व्यक्ति, जाति, पंथ या सम्प्रदाय की मर्यादा और आस्था के विषय में अमर्यादित टिप्पणी न हो।

सीएम योगी ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि ऐसी टिप्पणी किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि ⁠इसका संज्ञान लेते हुए सभी पेपर सेटर्स को भी निर्देशित करें और ⁠हैबिचुअल ऑफेंडर्स को तत्काल प्रतिबंधित किया जाए। यह विषय पेपर सेटर्स के एमओयू का भी हिस्सा बनाएं।

बता दें कि उत्तर प्रदेश में दरोगा भर्ती परीक्षा 14 मार्च और 15 मार्च को आयोजित की गई। प्रदेशभर में 1090 परीक्षा केंद्र बनाए गए, जहां दो-दो पालियों में परीक्षाएं हुईं। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती और प्रोन्नति बोर्ड ने सीधी भर्ती-2025 के अंतर्गत 4543 पदों पर अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए थे। इसमें कुल 15,75,760 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इनमें पुरूष-11,66,386 हैं, जबकि 4,09,374 अभ्यर्थी महिला हैं।

–आईएएनएस

डीसीएच/


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