सीएम भूपेंद्र पटेल ने आईटीआई केंद्रों को 40 इलेक्ट्रिक कारें बांटीं, युवाओं को मिलेगी प्रैक्टिकल ट्रेनिंग


गांधीनगर, 12 मार्च (आईएएनएस)। गांधीनगर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कंस्ट्रक्शन और ऑर्गेनाइज्ड सेक्टर के वर्कर्स को घर पर प्राइमरी हेल्थ केयर ट्रीटमेंट के लिए 50 धन्वंतरि आरोग्य रथ और छह मोबाइल मेडिकल वैन का उद्घाटन किया।

राज्य के इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूशन आईटीआई में मोटर मैकेनिक ट्रेड के 8,000 से ज़्यादा युवा ट्रेनी अब इलेक्ट्रिक गाड़ियों से जुड़ी इनोवेटिव टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग ले सकेंगे।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने लेबर स्किल डेवलपमेंट मंत्री कुंवरजीभाई बावलिया की मौजूदगी में गांधीनगर में अलग-अलग जिलों की आईटीआई को 40 इलेक्ट्रिक कारें बांटीं।

इलेक्ट्रिक गाड़ियों के बढ़ते चलन और उस सेक्टर में पैदा हो रहे रोज़गार के बड़े मौकों को ध्यान में रखते हुए, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में लेबर स्किल डेवलपमेंट और रोज़गार विभाग ने सरकारी इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग संस्थानों को उसी हिसाब से मॉडर्न टेक्नोलॉजी से लैस करने का काम शुरू किया है।

ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में, इलेक्ट्रिक गाड़ी सेक्टर में बैटरी टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक पावरट्रेन और एम्बेडेड सॉफ्टवेयर के एक्सपर्ट्स की मांग भी बढ़ रही है।

इस संदर्भ में, इंडस्ट्रीज़ के लिए स्किल्ड मैनपावर पक्का करने के लिए, राज्य सरकार ने ऑटोमोबाइल सेक्टर के प्रोफेशन में 40 सिलेबस-बेस्ड इलेक्ट्रिक कार उपलब्ध कराकर ट्रेनीज़ को लेटेस्ट टेक्नोलॉजी से जुड़ी ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा है।

ये 40 इलेक्ट्रिक कारें लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के हिसाब से प्रैक्टिकल ट्रेनिंग देने में काम आएंगी ताकि सरकारी इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग संस्थानों में ट्रेनिंग ले रहे ट्रेनीज़ इलेक्ट्रिक गाड़ियों और उससे जुड़े प्रोफेशन की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग में काबिल बनकर आत्मनिर्भर बन सकें।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इन 40 ईवी कारों के अलावा 50 धन्वंतरि आरोग्य रथ और 6 मोबाइल मेडिकल वैन का भी उद्घाटन किया।

कंस्ट्रक्शन मज़दूरों और संस्थानों के मज़दूरों और उनके परिवारों को उनके घर पर ही प्राइमरी मेडिकल इलाज मिले, गंभीर बीमारियों से बचा जा सके और उनकी सेहत बनी रहे, इसके लिए यह धन्वंतरि आरोग्य रथ बुखार, डायरिया, उल्टी और स्किन की बीमारियों जैसी आम बीमारियों के साथ-साथ प्राइमरी चोटों का इलाज करता है और यूरिन, ब्लड, ब्लड शुगर और मलेरिया जैसे लैब टेस्ट भी किए जाते हैं।

इतना ही नहीं, प्रेग्नेंसी के दौरान बच्चों और गर्भवती महिलाओं का प्राइमरी इलाज समेत कई तरह की जांच मौके पर ही की जाती है और ज़रूरत के हिसाब से दवाएं फ्री में दी जाती हैं।

गुजरात हाउसिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन श्रमयोगी कल्याण बोर्ड के पास राज्य के सभी जिलों में 154 धन्वंतरि आरोग्य रथ हैं और गुजरात श्रमयोगी कल्याण बोर्ड 25 मोबाइल मेडिकल वैन की सर्विस दे रहा है।

अब, नए शुरू हुए 54 धन्वंतरि आरोग्य रथ और छह मोबाइल मेडिकल वैन के साथ, मज़दूरों की सेहत की सुरक्षा के मकसद से राज्य भर के 34 जिलों में कुल 206 धन्वंतरि आरोग्य रथ और 31 मोबाइल मेडिकल वैन चालू हो गई हैं।

–आईएएनएस

डीएससी


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