पायरेटेड कंटेंट को लेकर केंद्र ने टेलीग्राम को भेजा नोटिस; 3,100 से ज्यादा चैनलों को किया चिन्हित

नई दिल्ली, 11 मार्च (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने बुधवार को मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम को नोटिस जारी कर प्लेटफॉर्म से पायरेटेड (कॉपीराइट का उल्लंघन करने वाला) कंटेंट हटाने के लिए कहा है।
यह कदम कई ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की शिकायत के बाद उठाया गया है, जिनका आरोप है कि उनकी फिल्मों और वेब सीरीज को बड़े पैमाने पर टेलीग्राम पर अवैध रूप से साझा किया जा रहा है।
सूचना और प्रसारण मंत्रालय (एमआईबी) ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत टेलीग्राम को नोटिस जारी किया है और प्लेटफॉर्म को पायरेसी के खिलाफ कार्रवाई करने और अवैध कंटेंट हटाने का निर्देश दिया है।
यह कार्रवाई तब की गई जब जियो सिनेमा और अमेजन प्राइम वीडियो जैसे ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने शिकायत की कि उनका कॉपीराइट वाला कंटेंट बिना अनुमति के टेलीग्राम पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है।
शिकायतों की जांच के बाद अधिकारियों ने 3,142 टेलीग्राम चैनलों की पहचान की, जो कथित तौर पर फिल्में, वेब सीरीज और अन्य कॉपीराइट सामग्री की पायरेटेड कॉपी साझा कर रहे थे।
रिपोर्ट्स के अनुसार, टेलीग्राम की कुछ सुविधाओं, जैसे बड़ी फाइल शेयरिंग की सीमा और यूजर्स की पहचान छिपाने की सुविधा का कुछ लोगों ने गलत इस्तेमाल किया और बड़े पैमाने पर पायरेटेड कंटेंट शेयर किया।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब कुछ दिन पहले ही मंत्रालय ने अश्लील कंटेंट स्ट्रीम करने के आरोप में पांच ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगाया था, जिनमें मूडएक्सवीआईपी, कोयल प्लेप्रो, डिजी मूवीप्लेक्स, फील और जुगनू शामिल हैं।
इससे पहले जुलाई 2025 में भी केंद्र सरकार ने 25 ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की वेबसाइट और ऐप्स को ब्लॉक करने का आदेश दिया था, जिन पर आरोप था कि वे अश्लील, अभद्र या पोर्नोग्राफिक कंटेंट स्ट्रीम कर रहे थे।
इन प्लेटफॉर्म्स में एएलटीटी, उल्लू, बिग शॉट्स ऐप, देसीफ्लिक्स, बूमेक्स, नवरसा लाइट, गुलाब ऐप, कंगन ऐप, बुल ऐप, जलवा ऐप, शोहिट, वाओ एंटरटेनमेंट, लुक एंटरटेनमेंट, हिटप्राइम, फेनियो, शोएक्स, सोल टॉकीज, अड्डा टीवी, हॉटएक्स वीआईपी, हुलचुल ऐप, मूडएक्स, निऑनएक्स वीआईपी, फ्यूगी, मोजफ्लिक्स और ट्रिफ्लिक्स शामिल थे।
सूचना प्रौद्योगिकी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस एंड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) नियम, 2021 के तहत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को अश्लील, पोर्नोग्राफिक, गोपनीयता का उल्लंघन करने वाले, लैंगिक आधार पर अपमानजनक, नस्लीय या जातीय रूप से आपत्तिजनक या हिंसा और नफरत को बढ़ावा देने वाले कंटेंट को होस्ट या प्रकाशित करने की अनुमति नहीं है।
सरकार की यह नई कार्रवाई ऑनलाइन पायरेसी पर अंकुश लगाने और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर आपत्तिजनक कंटेंट को नियंत्रित करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।
–आईएएनएस
डीबीपी