अंपायर अनिल चौधरी की दिलचस्प कहानी: क्रिकेट के बाद फिल्मी में दुनिया मारी एंट्री

नई दिल्ली, 11 मार्च (आईएएनएस)। किसी भी व्यक्ति के लिए अपने उस पेशे को छोड़ना आसान नहीं होता जिसमें उसने लगभग अपनी पूरी जिंदगी दे दी हो, लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें अपनी जिंदगी के किसी भी मोड़ पर कुछ नया करने की जिद होती है और वे जमा-जमाया काम छोड़कर कुछ अलग की तलाश में लग जाते हैं। सुप्रसिद्ध क्रिकेट अंपायर अनिल चौधरी की कहानी ऐसी ही है।
अनिल चौधरी का जन्म 12 मार्च 1965 को दिल्ली में हुआ था। चौधरी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अंपायरिंग की बदौलत में दुनियाभर में अपनी पहचान बनाई है। 2013 में अपने पहले अंतरराष्ट्रीय मैच में अंपायरिंग करने वाले अनिल ने 2023 के बाद अंतरराष्ट्रीय और 2025 के बाद घरेलू क्रिकेट में अंपायरिंग को अलविदा कह दिया था।
चौधरी का आखिरी घरेलू मैच फरवरी 2025 में नागपुर में खेला गया रणजी ट्रॉफी फाइनल था, जो विदर्भ और केरल के बीच हुआ था। वहीं उनका आखिरी इंटरनेशनल मैच 27 सितंबर 2025 को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया वनडे था।
ईएसपीएन के मुताबिक, 2013 से 2025 के बीच उन्होंने 12 टेस्ट, 49 वनडे, 64 टी20 इंटरनेशनल और 131 आईपीएल मैचों में अंपायरिंग की। इसके साथ ही उन्होंने एस रवि के साथ किसी भी अंपायर द्वारा सबसे ज्यादा मैदान पर अंपायरिंग करने के रिकॉर्ड की बराबरी की। घरेलू क्रिकेट में भी उनका रिकॉर्ड प्रभावशाली रहा, जिसमें 91 फर्स्ट-क्लास मैच, 114 लिस्ट-ए मुकाबले और 278 टी20 मैच शामिल हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने 2022 में उन्हें ए प्लस श्रेणी के चुनिंदा 10 अंपायरों में शामिल किया था।
अंपायरिंग को अलविदा कहने के बाद अनिल चौधरी अपने यूट्यूब चैनल ‘अंपायर कॉल बाई अनिल चौधरी’ पर काफी सक्रिय रहते हैं और क्रिकेट से जुड़े नियमों को बेहद आसान भाषा में समझाते हैं। इसके अलावा, क्रिकेट और क्रिकेटरों से जुड़ी दिलचस्प कहानियां भी सुनाते हैं।
अंपायर के तौर पर एक सफल पारी और यूट्यूब पर सफलता पाने के बाद अनिल चौधरी ने फिल्मों का रुख किया है। हाल ही में हरियाणवी में उनका एक संगीत वीडियो रिलीज हुआ है जिसमें उनके अभिनय ने क्रिकेट फैंस को और सिनेमा के प्रेमियों को हैरान कर दिया है। ‘गोली तो चलेगी’ वीडियो में अनिल चौधरी का अंदाज बेहद जुदा है। चौधरी घोड़े की सवारी करते हुए, बंदूक उठाए और हरियाणवी गैंगस्टर स्टाइल में नजर आते हैं।
मुंबई में गाने के लॉन्च के दौरान चौधरी ने कहा कि वह इस नए रोल में आसानी से ढल गए, क्योंकि वह पहले से ही स्पॉटलाइट में रहने के आदी रहे हैं। अंपायरिंग के मुकाबले इस काम में दबाव कम है। अगर एक्टिंग में कोई गलती हो जाती है तो उसे एडिट टेबल पर ठीक किया जा सकता है, लेकिन अंपायरिंग में ऐसा नहीं होता।
भविष्य में अनिल चौधरी अन्य फिल्मी प्रोजेक्ट्स पर काम करते हैं या अपने यूट्यूब चैनल पर क्रिकेट से जुड़ी कहानियां सुनाते हैं ये देखना काफी दिलचस्प होगा।
–आईएएनएस
पीएके