चीन 2026 में छांग अ-7 चंद्रयान का प्रक्षेपण करेगा


बीजिंग, 10 मार्च (आईएएनएस)। चीनी राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा के प्रतिनिधि और चीन एयरोस्पेस विज्ञान और प्रौद्योगिकी ग्रुप की पांचवीं अकादमी के शोधकर्ता सुन ज़ेजोउ ने एक साक्षात्कार में बताया कि चीन के चंद्र अन्वेषण कार्यक्रम का चौथा चरण तेजी से आगे बढ़ रहा है। 2026 में, छांग अ-7 चंद्रयान का प्रक्षेपण किया जाएगा, जिससे यह चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव तक पहुंचने वाला और जल बर्फ के साक्ष्य की खोज करने वाला पहला चंद्रयान बन जाएगा।

सुन जेजोउ ने बताया कि छांग अ-7 मिशन चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के वातावरण, चंद्र रेगोलिथ और जल बर्फ का सर्वेक्षण करेगा, साथ ही चंद्रमा की स्थलाकृति, संरचना और बनावट पर उच्च परिशुद्धता के साथ अन्वेषण और अनुसंधान करेगा।

15वीं पंचवर्षीय योजना के मसौदा रूपरेखा में “गहरे अंतरिक्ष अन्वेषण” को 109 प्रमुख इंजीनियरिंग परियोजनाओं में से एक के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। सुन जेजोउ ने कहा कि ग्रह अन्वेषण के क्षेत्र में, चीन भविष्य में थ्येनवन-3 और थ्येनवन-4 का प्रक्षेपण करेगा। थ्येनवन-3 मंगल ग्रह के वातावरण का अन्वेषण करने के लिए मंगल से नमूने वापस लाने का मिशन चलाएगा। थ्येनवन-4 वृहस्पति और उसके उपग्रहों का अध्ययन करेगा, बृहस्पति के अंतरिक्ष और आंतरिक संरचना का अन्वेषण करेगा।

2025 में, चीन का गहरे अंतरिक्ष अन्वेषण एक नया और महत्वपूर्ण कदम उठाएगा। थ्येनवन-2 ने चीन का पहला क्षुद्रग्रह अन्वेषण और नमूना वापसी मिशन लॉन्च किया।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

–आईएएनएस

डीकेपी/


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