पीएम सूर्य घर योजना को मिली रफ्तार, लगाए गए 25 लाख से ज्यादा रूफटॉप सोलर सिस्टम


नई दिल्ली, 10 मार्च (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत देश भर में अब तक 25 लाख से ज्यादा रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। सरकार ने मंगलवार को संसद को बताया कि 5 मार्च 2026 तक कुल 25,02,217 घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं।

वित्त वर्ष 2025-26 में इस योजना के तहत अब तक 14,585.29 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में 7,822.92 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे।

राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाइक ने बताया कि इस योजना के तहत राष्ट्रीय पोर्टल पर अब तक 63,26,125 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 25 लाख से अधिक घरों में सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं।

सरकार ने यह योजना 2024 में शुरू की थी। यह एक डिमांड-ड्रिवन योजना है, जिसके तहत देश के सभी ऐसे घरेलू उपभोक्ता, जिनके पास स्थानीय बिजली वितरण कंपनी (डिस्कॉम) से जुड़ा बिजली कनेक्शन है, वे राष्ट्रीय पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर अपने घर की छत पर सोलर सिस्टम लगवा सकते हैं।

सरकार का अनुमान है कि अगर एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जाते हैं, तो इससे करीब 1000 अरब यूनिट नवीकरणीय बिजली का उत्पादन हो सकता है। साथ ही, इन सिस्टम के 25 साल के जीवनकाल में लगभग 720 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आ सकती है।

2025 के अंत तक इस योजना को लागू करने में गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, केरल और राजस्थान जैसे राज्य सबसे आगे रहे हैं।

एक अन्य सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि 31 दिसंबर 2025 तक देश में गैर-जीवाश्म ईंधन (नॉन-फॉसिल फ्यूल) आधारित बिजली उत्पादन क्षमता 266.78 गीगावाट तक पहुंच चुकी है।

इसमें 258 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा (135.81 गीगावाट सौर ऊर्जा, 54.51 गीगावाट पवन ऊर्जा, 11.61 गीगावाट जैव ऊर्जा, 5.16 गीगावाट लघु जल विद्युत और 50.91 गीगावाट वृहद जल विद्युत) और 8.78 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता शामिल है।

मंत्री ने आगे यह भी बताया कि सरकार नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन (एनजीएचएम) को भी लागू कर रही है। इसका उद्देश्य भारत को ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन, उपयोग और निर्यात का वैश्विक केंद्र बनाना है।

–आईएएनएस

डीबीपी/


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