आरबीआई स्विच ऑक्शन में सरकार ने खरीदी 6,309 करोड़ रुपए की जी-सिक्योरिटीज

मुंबई, 9 मार्च (आईएएनएस)। सरकार ने सोमवार को घोषणा की कि उसने भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा आयोजित एक स्विच ऑक्शन के माध्यम से 6,309 करोड़ रुपए मूल्य की सरकारी प्रतिभूतियों (जी-सिक्योरिटीज) को वापस खरीद लिया है, इससे निकट अवधि में परिपक्व होने वाले बांडों को लंबी अवधि की प्रतिभूतियों से बदल दिया गया है ताकि अपने पुनर्भुगतान दायित्वों को अधिक सुचारू रूप से प्रबंधित किया जा सके।
सरकारी प्रतिभूतियां, जिन्हें आमतौर पर जी-सिक्योरिटीज के नाम से जाना जाता है, सरकार द्वारा धन जुटाने के लिए जारी किए गए ऋण साधन हैं।
ये साधन कम जोखिम वाले माने जाते हैं क्योंकि इन्हें सरकार की गारंटी प्राप्त होती है और ये आमतौर पर निवेशकों को निश्चित रिटर्न प्रदान करते हैं।
नीलामी के दौरान खरीदे गए बॉन्ड अगले वित्तीय वर्ष में परिपक्व होने वाली प्रतिभूतियों का हिस्सा थे। इसके बदले में सरकार ने लंबी अवधि की प्रतिभूतियां जारी की हैं।
स्विच ऑक्शन के जरिए सरकार को परिपक्वता के करीब पहुंच चुके बॉन्डों को बाद में परिपक्व होने वाले बॉन्डों से बदलने की सुविधा मिलती है।
इससे ऋण भुगतान दायित्वों को लंबी अवधि में फैलाने में मदद मिलती है और निकट भविष्य में सरकार की वित्तीय स्थिति पर दबाव कम होता है।
यह लेटेस्ट ऑपरेशन फरवरी से आरबीआई द्वारा आयोजित चौथा स्विच ऑक्शन है।
इससे पहले, आरबीआई इसी तरह की तीन नीलामी हो चुकी थीं, जिनके माध्यम से 98,591.701 करोड़ रुपए मूल्य की प्रतिभूतियां वापस खरीदी गईं।
यह बदलाव अगले वित्तीय वर्ष में मोचन के दबाव को कम करने के उद्देश्य से किया गया है, जब लगभग 5.47 लाख करोड़ रुपए के सरकारी बॉन्ड परिपक्व होने वाले हैं।
यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकार ने पहले ही 17.2 लाख करोड़ रुपए के सकल बाजार उधार का बजट तैयार कर लिया है।
अल्पकालिक प्रतिभूतियों को दीर्घकालिक प्रतिभूतियों से बदलकर, सरकार अपने ऋण परिपक्वता प्रोफाइल को सुव्यवस्थित करने और भविष्य के पुनर्भुगतान को अधिक कुशलता से प्रबंधित करने का प्रयास कर रही है।
–आईएएनएस
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