बलूचिस्तान में एक और गैर-न्यायिक हत्या, 17 वर्षीय युवक का शव बरामद

क्वेटा, 4 मार्च (आईएएनएस)। बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना ने एक और बलूच नागरिक की हत्या कर दी। यह घटना पूरे प्रांत में बिना कानूनी कार्रवाई के की जा रही हत्याओं और लोगों को जबरन गायब किए जाने की बढ़ती घटनाओं के बीच हुई है। यह जानकारी एक प्रमुख मानवाधिकार संगठन ने बुधवार को दी।
मानवाधिकार संगठन बलोच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) ने खुलासा किया कि 17 वर्षीय यहया बलोच का शव मंगलवार को पंजगुर जिले के वाशबूद क्षेत्र में मिला। वह पिछले पांच महीनों से लापता था। आरोप था कि उसको जबरन गायब किया गया था।
बीवाईसी ने कहा, “यह कोई अकेला मामला नहीं है, बल्कि यह बलूचिस्तान में जारी मानवाधिकार संकट को उजागर करता है। रमजान के दौरान भी लोगों को जबरदस्ती गायब करना और गैर-न्यायिक हत्याएं की जा रही हैं।”
बीवाईसी ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से बलूचिस्तान में हो रहे इन मानवाधिकार उल्लंघनों का संज्ञान लेने, जांच करवाने और दोषियों को जवाबदेह ठहराने की अपील की।
इससे पहले बलूच नेशनल मूवमेंट के मानवाधिकार विभाग ‘पांक’ ने मंगलवार को बताया कि बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना ने कम से कम नौ आम लोगों को जबरदस्ती गायब कर दिया।
पांक ने बताया कि प्रांतीय राजधानी क्वेटा के किल्ली कंब्रानी इलाके के 17 साल के छात्र शोएब अहमद कंब्रानी को पाकिस्तान के काउंटर-टेररिज्म विभाग (सीटीडी) ने सोमवार को उसके घर से जबरदस्ती गायब कर दिया।
उसी दिन एक अलग घटना में 45 साल के बिजनेसमैन रहीम बख्श को पाकिस्तान फ्रंटियर कॉर्प्स (एफसी) के लोग केच जिले के मिनाज इलाके में उनके घर से कथित तौर पर उठा ले गए।
आम लोगों पर हो रहे अत्याचारों को बताते हुए मानवाधिकार संस्था ने कहा कि एफसी ने सोमवार को मिनाज में चार और बलूच युवाओं को उनके घरों से जबरदस्ती गायब कर दिया।
पीड़ितों की पहचान 17 साल के अली अहमद, 19 साल के यासिर, 17 साल के आसिफ और 18 साल के अब्दुल रहमान के तौर पर हुई है।
पांक ने आगे बताया कि दो भाइयों, जकरिया और रेहान, को 26 फरवरी को एफसी और सीटीडी ने केच के तुर्बत शहर में उनके घर पर रेड के दौरान जबरदस्ती गायब कर दिया था।
इसके अलावा, 18 साल के स्टूडेंट सद्दाम को कथित तौर पर 16 फरवरी को क्वेटा के ब्रूअरी रोड से सीटीडी ने जबरन गायब कर दिया था।
बलूचिस्तान पाकिस्तानी सेना के लगातार अत्याचारों से जूझ रहा है, जहां बलोच नागरिकों की जबरन गुमशुदगियां और गैर-न्यायिक हत्याएं अभूतपूर्व स्तर पर दर्ज की जा रही हैं।
–आईएएनएस
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