एआई समिट प्रदर्शन मामले में यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष मंगलवार को जेल से रिहा होंगे

नई दिल्ली, 2 मार्च (आईएएनएस)। एआई समिट प्रदर्शन मामले में यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदयभानु चिब मंगलवार को जेल से रिहा होंगे। पटियाला हाउस कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली सरकार को आदेश दिया कि कल (मंगलवार) दोपहर दो बजे तक जमानत की श्योरिटी का वेरिफिकेशन पूरा कर कोर्ट में जमा करे।
इसके साथ ही कोर्ट ने मंगलवार तक उदयभानु चिब की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी है। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने सेशन कोर्ट द्वारा जमानत पर लगाई गई रोक को हटाते हुए यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदयभानु चिब को रिहा करने का आदेश दिया था।
हाईकोर्ट ने सेशन कोर्ट द्वारा पारित आदेश पर रोक लगा दी है, जिससे उनके खिलाफ चल रही कार्रवाई पर फिलहाल विराम लग गया है। जस्टिस सौरभ बनर्जी की बेंच ने यह फैसला सुनाया।
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सेशन कोर्ट के आदेश को स्थगित करते हुए दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया और जवाब मांगा। अदालत ने पुलिस से मामले में विस्तृत पक्ष रखने को कहा।
उदयभानु चिब की तरफ से सीनियर वकील सिद्धार्थ लूथरा ने कोर्ट के समक्ष दलीलें पेश की। सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि ट्रायल कोर्ट का ऑर्डर नहीं दिया गया। कोर्ट ने एकतरफा ऑर्डर पास किया है और पुलिस उसे अभी भी कस्टडी में रखे हुए है। कोर्ट ने चिब के वकील सिद्धार्थ लूथरा से पूछा कि इसमें इतनी जल्दी क्या है? इस पर लूथरा ने दलील दी कि यह लिबर्टी से जुड़ा मामला है।
इससे पहले, पटियाला हाउस कोर्ट ने उन्हें सशर्त जमानत दी थी। ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने उदय भानु चिब को 50 हजार रुपए के निजी मुचलके पर जमानत दी थी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि क्राइम ब्रांच रिमांड बढ़ाने की जरूरत के पर्याप्त कारण नहीं बता पाई। कोर्ट ने जमानत देते हुए उदय भानु चिब को पासपोर्ट कोर्ट में जमा करवाने का आदेश दिया। साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स कोर्ट के सामने सरेंडर करने का भी आदेश दिया गया।
कोर्ट के आदेश के बाद यूथ कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “सत्यमेव जयते। उदय भानु चिब को जमानत मिली। आधी रात में जब देश सो रहा था, न्याय पालिका दिल्ली क्राइम ब्रांच की हर साजिश को नाकाम कर रही थी। आधी रात में पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने उदय भानु चिब की 7 दिनों की रिमांड बढ़ाने की अर्जी दी, जिसे न्यायपालिका ने नकारते हुए उदय भानु चिब को जमानत पर रिहा करने का फैसला सुनाया।”
–आईएएनएस
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