हरियाणा: सीएम नायब सिंह सैनी ने पेश किया 2.23 करोड़ रुपए का बजट, ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर फोकस

चंडीगढ़, 2 मार्च (आईएएनएस)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का 2.23 करोड़ रुपए का बजट पेश किया। इस बार हरियाणा सरकार के बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर फोकस किया गया है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट पेश करते हुए सोमवार को ‘हरियाणा एग्री डिस्कॉम’ नाम की एक तीसरी बिजली डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी बनाने की घोषणा की, जो खासतौर पर किसान समुदाय की जरूरतों को पूरा करने के लिए होगी।
बिजली डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ‘हरियाणा एग्री डिस्कॉम’ बनने से 5,084 कृषि फीडरों का प्रबंधन होगा, जिससे 7.12 लाख उपभोक्ताओं को बिना रुकावट बिजली मिलेगी। इसके जरिए किसानों को ट्यूबवेल कनेक्शन दिए जाएंगे। राज्य की अन्य दो बिजली वितरण कंपनियां उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) हैं।
औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए 500 करोड़ रुपए के विशेष कोष ‘सक्षम’ की स्थापना का प्रस्ताव किया गया है। इसका उद्देश्य चयनित शहरों में बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करना, औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है।
वित्त विभाग भी संभाल रहे मुख्यमंत्री सैनी ने अपना दूसरा बजट पेश करते हुए कहा कि राजकोषीय घाटा 40,293.17 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जो सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 2.65 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि राजस्व घाटा जीडीपी का 0.87 प्रतिशत और प्रभावी राजस्व घाटा 0.41 प्रतिशत रहने का अनुमान है। पूंजीगत व्यय जीडीपी का 1.86 प्रतिशत और प्रभावी पूंजीगत व्यय 2.32 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
सिख पगड़ी पहनकर बजट भाषण देते हुए सीएम सैनी ने बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के लिए पूंजी निवेश बढ़ाने पर जोर दिया। इस बार बजट में पूंजीगत व्यय के लिए 28,205 करोड़ रुपए का प्रस्ताव रखा गया है, जो कुल बजट का 12.6 प्रतिशत है, जबकि प्रभावी पूंजीगत व्यय 35,216 करोड़ रुपए (कुल बजट का 15.7 प्रतिशत) है। यह 2025-26 के 27,650 करोड़ रुपए (कुल बजट का 13.6 प्रतिशत) से अधिक है।
सीएम योगी ने भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था में हरियाणा की महत्वपूर्ण भूमिका का जिक्र करते हुए 2047 तक राज्य को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा। उन्होंने कहा कि राज्य के इतिहास में पहली बार पिछले वित्तीय वर्ष में कुल बजट का 98 प्रतिशत सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया गया।
अपने बजट भाषण में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति सुधर रही है और प्रमुख राज्यों में हरियाणा की प्रति व्यक्ति आय सबसे अधिक है। मौजूदा कीमतों पर प्रति व्यक्ति आय 2014-15 में 1,47,382 रुपए से बढ़कर 2023-24 में 3,24,958 रुपए हो गई। 2024-25 में यह बढ़कर 3,58,171 रुपए हो गई, जबकि राष्ट्रीय औसत 2,19,575 रुपए था। 2025-26 में इसके 3,95,618 रुपए तक पहुंचने का अनुमान है।
उन्होंने कहा कि 2014 से 2024 के बीच राजकोषीय घाटे में 2.75 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि पिछली सरकार के समय में यह 44 प्रतिशत तक बढ़ा था।
–आईएएनएस
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