पाकिस्तान: आत्मघाती हमले का असर, केपी-पंजाब के बीच यातायात ठप


पेशावर, 25 फरवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तानी सेना और पुलिस को निशाना बनाकर पिछले कुछ दिनों से हमले तेज हो गए हैं। मंगलवार को अलग-अलग हमलों में करीब 7 पुलिस कर्मियों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि देर शाम पंजाब प्रांत के भक्कर जिले में एक सुरक्षा चौकी पर हुए आत्मघाती हमले ने भी पुलिसकर्मियों की जान ले ली। स्थानीय मीडिया के अनुसार, इसके बाद से ही केपी-पंजाब के बीच आवाजाही पूरी तरह से रोक दी गई है। रमजान के महीने में आवाजाही को लेकर पाबंदी से दुकानदार काफी परेशान हैं।

प्रमुख दैनिक डॉन के अनुसार, हमला देर रात पंजाब के भक्कर जिले में डेरा दरिया खान पुल के पास दाजिल चेकपोस्ट पर हुआ। आत्मघाती हमले के बाद खैबर पख्तूनख्वा को पंजाब से जोड़ने वाला मुख्य हाईवे बुधवार को भी बंद रहा। इससे अंतर-प्रांतीय सीमा के दोनों ओर आने-जाने वालों और व्यापारियों को मुश्किल हुई।

यह हमला मंगलवार शाम करीब 7 बजे हुआ जब एक आत्मघाती हमलावर ने डेरा इस्माइल खान को पंजाब से जोड़ने वाले पुल से थोड़ी दूरी पर बने चेकपोस्ट के पास खुद को उड़ा दिया। सीसीटीवी फुटेज में कथित तौर पर हमलावर को ब्लास्ट करने से पहले पोस्ट के पास आते हुए दिखाया गया है।

हमले के बाद, डीआई खान और भक्कर दोनों जिलों में सुरक्षा व्यवस्था हाई अलर्ट पर कर दी गई। पंजाब पुलिस ने एहतियात के तौर पर डेरा दरिया खान पुल के पास सड़क को सील कर दिया और सभी ट्रैफिक रोक दिया, जबकि आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। इस रूट के लगातार बंद रहने से यात्रियों और ट्रांसपोर्टरों को काफी परेशानी हुई है। गाड़ियां घंटों तक फंसी रहीं, और यात्रियों को ज्यादा खर्च करके दूसरे रास्ते ढूंढने पड़े।

यह रुकावट तब आई जब कुछ दिन पहले ही पीटीआई के विरोध प्रदर्शनों की वजह से यही रूट कई दिनों तक ब्लॉक रहा था, जिससे पहले ही सामान और लोगों की आवाजाही पर असर पड़ा था।

डीआई खान के व्यापारियों ने कहा कि बार-बार बंद होने से पंजाब, खासकर लाहौर और दूसरे बड़े कमर्शियल सेंटरों से सप्लाई लाइनें बाधित हुई हैं।

मरकजी अंजुमन-ए-ताजिरान के प्रेसिडेंट, सोहेल अहमद आजमी ने डॉन से कहा कि ट्रैफिक के लंबे समय तक बंद रहने से बिजनेस कम्युनिटी की मुश्किलें बढ़ रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि रमजा चल रहा है और ईदुल फितर नजदीक है, ऐसे में पंजाब से सामान के ट्रांसपोर्ट में और देरी से पैसे का नुकसान हो सकता है और लोकल मार्केट में कमी हो सकती है।

पिछले साल केपी में आतंकवादी हमलों में बढ़ोतरी देखी गई है। सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज की एनुअल सिक्योरिटी रिपोर्ट इसकी तस्दीक करती है। जिसके अनुसार, खैबर पख्तूनख्वा में पिछले साल हिंसा में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई और इससे मृतकों की संख्या में अच्छी खासी वृद्धि हुई है। 2024 में जहां ये संख्या 1,620 थी वहीं 2025 में बढ़कर 2,331 हो गई।

–आईएएनएस

केआर/


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