आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने हरियाणा सरकार को 583 करोड़ रुपए का पूरा भुगतान किया

चंडीगढ़, 24 फरवरी (आईएएनएस)। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने अपनी चंडीगढ़ ब्रांच में हुई कथित धोखाधड़ी की जांच के बीच हरियाणा सरकार के विभागों को मूलधन और ब्याज सहित कुल 583 करोड़ रुपए का पूरा भुगतान कर दिया है। बैंक ने मंगलवार को जारी एक आधिकारिक बयान में इसकी पुष्टि की और कहा कि यह कार्रवाई बैंक की ग्राहक विश्वास और पारदर्शिता की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
बैंक के अनुसार, शुरुआती जांच में पता चला है कि चंडीगढ़ ब्रांच के कुछ कर्मचारियों ने बाहरी पक्षों के साथ मिलीभगत कर जाली दस्तावेजों और भुगतान निर्देशों को क्लियर किया, जिससे हरियाणा सरकार के विभागों को नुकसान हुआ। बैंक ने कहा कि मामले की जांच अभी भी संबंधित अधिकारियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा की जा रही है। जांच पूरी होने तक बैंक ने सभी जिम्मेदार पक्षों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा किया है।
बयान में स्पष्ट किया गया है कि जांच जारी रहने के बावजूद बैंक ने हरियाणा सरकार के दावे के अनुसार मूलधन और ब्याज की पूरी राशि 583 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया है। बैंक ने कहा कि अंतिम राशि में किसी अन्य दावे या समझौते के आधार पर बदलाव संभव है, लेकिन फिलहाल सरकार के दावे को पूरी तरह निपटाया गया है।
हरियाणा सरकार के विभागों ने बैंक की इस त्वरित कार्रवाई, पेशेवर रवैये और जिम्मेदारी लेने के रुख की सराहना की है। सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि बैंक ने सिद्धांतों के आधार पर काम करते हुए तुरंत भुगतान किया, जो वित्तीय संस्थानों के लिए एक मिसाल है। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने जोर दिया कि वह वित्तीय रूप से मजबूत और अच्छी तरह से पूंजीकृत है।
31 दिसंबर 2025 तक बैंक की स्थिति मजबूत बनी हुई है। सीआरआईएसआईएल ने बैंक के फिक्स्ड डिपॉजिट के लिए ट्रिपल ‘ए’ रेटिंग दी है, जबकि सीआरआईएसआईएल, आईसीआरए, इंडिया रेटिंग्स और सीएआरई से लॉन्ग-टर्म रेटिंग डबल ‘ए प्लस’ प्राप्त है। बैंक का कुल कस्टमर बिजनेस (लोन और डिपॉजिट) 5,62,090 करोड़ रुपए पहुंच गया है, जो साल-दर-साल 22.6 प्रतिशत की वृद्धि दिखाता है।
–आईएएनएस
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