ओडिशा में 77 अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान, ज्यादातर को वापस भेजा गया: सीएम माझी


भुवनेश्वर, 23 फरवरी (आईएएनएस)। ओडिशा सरकार ने प्रदेश में गैर-कानूनी तरीके से रह रहे 77 बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान की। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को ओडिशा विधानसभा को यह जानकारी दी।

भाजपा विधायक पद्म लोचन पांडा के एक सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहचान मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स (एमएचए) की गाइडलाइंस के मुताबिक, पूरे राज्य में चलाए गए ड्राइव के तहत की गई थी।

उन्होंने बताया कि एमएचए के लेटर नंबर 25022/28/2020-एफआई (पार्ट- 3) तारीख 2 मई, 2025 के मुताबिक, सभी जिलों के पुलिस सुपरिटेंडेंट को गैर-कानूनी बांग्लादेशी इमिग्रेंट्स की पहचान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस सुपरिटेंडेंट एमएचए की गाइडलाइंस का पालन करते हुए काम कर रहे हैं और अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में वेरिफिकेशन ड्राइव चला रहे हैं। सीएम के अनुसार, प्रदेश भर में वेरिफिकेशन के दौरान 2,261 संदिग्ध लोगों के पहचान के डॉक्यूमेंट्स की जांच की गई। इनमें से 2,184 लोग भारतीय नागरिक पाए गए और उनके क्रेडेंशियल्स के वेरिफिकेशन के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।

बाकी 77 लोगों की पहचान राज्य में गैर-कानूनी तरीके से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के तौर पर हुई। इनमें से 26 की पहचान भुवनेश्वर अर्बन पुलिस डिस्ट्रिक्ट (यूपीडी) में, 14 की कटक यूपीडी में, छह की बरहमपुर में, एक-एक की गंजम और कोरापुट जिलों में, चार की कंधमाल में, तीन की केंद्रपाड़ा में और 21 की जगतसिंहपुर जिले में हुई है।

मुख्यमंत्री ने विधानसभा को बताया कि पहचाने गए 77 बांग्लादेशी नागरिकों में से 73 को पहले ही बांग्लादेश डिपोर्ट कर दिया गया है। उन्होंने आगे कहा कि दो बांग्लादेशी नागरिकों ने जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके धोखे से भारतीय पासपोर्ट हासिल किए थे। पुलिस ने उनके खिलाफ अलग-अलग केस दर्ज किए और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उन्हें कोर्ट में पेश किया।

इस बीच, भुवनेश्वर अर्बन पुलिस डिस्ट्रिक्ट में पहचाने गए बाकी दो बांग्लादेशी नागरिकों के डिपोर्टेशन का प्रोसेस अभी चल रहा है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार ने ओडिशा में रह रहे गैर-कानूनी विदेशी नागरिकों की पहचान करने और उन्हें डिपोर्ट करने की कोशिशें तेज कर दी हैं।

उन्होंने कहा कि ओडिशा पुलिस को संदिग्ध लोगों की पहचान अच्छी तरह से वेरिफ़ाई करने का निर्देश दिया गया है, जिसमें उनकी राष्ट्रीयता का पता लगाने के लिए फ़ाइनेंशियल ट्रांज़ैक्शन, कम्युनिकेशन रिकॉर्ड और डिजिटल फ़ुटप्रिंट की जांच करना शामिल है।

–आईएएनएस

पीएसके


Show More
Back to top button