केरल सरकार ने अदाणी विझिंजम सीपोर्ट पर लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम के लिए तीन पीएसयू के साथ एमओयू किया


तिरुवनंतपुरम, 23 फरवरी (आईएएनएस)। समुद्री इन्फ्रास्ट्रक्चर में सार्वजनिक क्षेत्र की उपस्थिति को मजबूत करने के लिए उठाए गए एक निर्णायक कदम के तहत, केरल सरकार ने सोमवार को अदाणी विझिंजम इंटरनेशनल सीपोर्ट पर एक एकीकृत लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम विकसित करने के लिए तीन केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) के साथ 2,000 करोड़ रुपए के समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की उपस्थिति में समझौतों को औपचारिक रूप दिया गया, जो एक सुनियोजित नीतिगत दृष्टिकोण का संकेत देता है, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत बंदरगाह के संचालन के बावजूद मुख्य बुनियादी ढांचे को सार्वजनिक निगरानी में बनाए रखना है।

इस एमओयू में सरकारी स्वामित्व वाली विझिंजम इंटरनेशनल सीपोर्ट लिमिटेड (वीआईएसएल) और तीन केंद्रीय संस्थाएं – इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ओएसीएल), कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (कोनकॉर) और सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन (सीडब्ल्यूसी) शामिल हैं।

सरकार की रणनीति बंकरिंग, रेल-लिंक्ड कार्गो परिवहन और भंडारण जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं को सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के ढांचे में शामिल करना है, जिससे कार्गो हैंडलिंग में एकाग्रता के जोखिमों को रोका जा सके और व्यापार हितधारकों के लिए प्रतिस्पर्धी मूल्य सुनिश्चित किए जा सकें।

कुल नियोजित निवेश में से 700 करोड़ रुपए आईओसीएल द्वारा बंदरगाह पर आने वाले मुख्य जहाजों को सेवा प्रदान करने में सक्षम बड़े पैमाने पर बंकरिंग सुविधाओं की स्थापना के लिए लगाए जाएंगे।

इस परियोजना से विझिंजम को हिंद महासागर व्यापार मार्गों पर एक प्रमुख ईंधन भरने वाले केंद्र के रूप में स्थापित करने और सहायक राजस्व स्रोतों को मजबूत करने की उम्मीद है।

कॉनकोर अंतर्देशीय कंटेनर डिपो और कंटेनर फ्रेट स्टेशन विकसित करने के लिए 600 करोड़ रुपए का निवेश करेगी, जिससे राष्ट्रीय भीतरी इलाकों से रेल संपर्क मजबूत होगा और माल ढुलाई का समय कम होगा।

वहीं, शेष 700 करोड़ रुपए सीडब्ल्यूसी द्वारा लगभग 50 एकड़ में फैले एक बहु-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क की स्थापना के लिए निवेश किए जाएंगे, जिसमें कोल्ड स्टोरेज और निर्यात-उन्मुख इकाइयां शामिल होंगी। अधिकारियों ने बताया कि इससे राज्य के खजाने पर कोई प्रत्यक्ष वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।

हस्ताक्षर समारोह में वरिष्ठ मंत्री और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के अधिकारी उपस्थित थे।

इस एकीकृत लॉजिस्टिक्स योजना के साथ, केरल विझिंजम के आसपास संपर्क और रणनीतिक गहराई विकसित करना चाहता है, जिससे क्षेत्र में एक प्रतिस्पर्धी समुद्री प्रवेश द्वार के रूप में उभरने की उसकी महत्वाकांक्षा को बल मिलेगा।

–आईएएनएस

एबीएस/


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