केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह गुवाहाटी में 58वीं सेवानिवृत्ति-पूर्व परामर्श कार्यशाला का उद्घाटन करेंगे


नई दिल्ली, 22 फरवरी (आईएएनएस)। पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों के लिए ‘ईज ऑफ लिविंग’ (जीवन सुगमता) बढ़ाने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप, भारत सरकार के पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने पेंशन नीति और पेंशन से संबंधित प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण की कई शानदार पहलें शुरू की हैं। इन निरंतर प्रयासों के तहत, माननीय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह 23 फरवरी को प्रशासनिक कर्मचारी महाविद्यालय (एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ कॉलेज), गुवाहाटी, असम में 58वीं सेवानिवृत्ति-पूर्व परामर्श कार्यशाला (पीआरसी) का उद्घाटन करेंगे। इसका आयोजन केंद्र सरकार के अन्य विभागों और मंत्रालयों के सहयोग से कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन द्वारा किया जा रहा है।

ये कार्यशालाएं भारत सरकार के सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के लाभ के लिए आयोजित की जाती हैं और पेंशनभोगियों के ‘ईज ऑफ लिविंग’ की दिशा में एक ठोस कदम हैं। सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के सुचारू ट्रांजिशन की सुविधा के लिए, सेवानिवृत्ति लाभ, सीजीएचएस, साइबर सुरक्षा, निवेश के तरीके, ‘भविष्य’ पोर्टल, एकीकृत पेंशनभोगी पोर्टल, पारिवारिक पेंशन, सीपीईएनजीआरएएमएस, ‘अनुभव’, और डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र आदि पर विभिन्न सत्र आयोजित किए जाएंगे।

अनुमान है कि वर्तमान में असम राज्य में तैनात और अगले 12 महीनों में सेवानिवृत्त होने वाले लगभग 350 कर्मचारी इस सेवानिवृत्ति-पूर्व परामर्श कार्यशाला से अत्यधिक लाभान्वित होंगे।

पीआरसी के अलावा, विभाग भारतीय स्टेट बैंक के सहयोग से एक ‘बैंकर्स जागरूकता कार्यक्रम’ भी आयोजित कर रहा है। इन कार्यशालाओं का उद्देश्य पेंशन वितरण करने वाले बैंकों के बीच केंद्र सरकार के कर्मचारियों से संबंधित विभिन्न पेंशन नियमों और प्रक्रियाओं के बारे में जागरूकता फैलाना है।

58वीं पीआरसी कार्यशाला के दौरान पेंशन वितरण करने वाले बैंकों की एक “प्रदर्शनी” भी आयोजित की जाएगी, जिसमें कई बैंक सक्रिय रूप से भाग लेंगे और पेंशन मामलों पर अपने बेहतरीन उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। प्रतिभागियों के लिए पेंशनभोगियों से संबंधित सभी बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। बैंक सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को पेंशन खाते खोलने और उनके लिए उपयुक्त विभिन्न योजनाओं में पेंशन राशि के निवेश के लिए मार्गदर्शन भी प्रदान करेंगे।

–आईएएनएस

एमएस/


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