अगले सप्ताह ट्रंप टैरिफ, जीडीपी डेटा समेत ये अहम कारक तय करेंगे भारतीय शेयर बाजार की दिशा


मुंबई, 22 फरवरी (आईएएनएस)। अगले सप्ताह निवेशक वैश्विक घटनाक्रमों पर नजर रखेंगे, खासकर अमेरिका में टैरिफ से जुड़े फैसलों पर। साथ ही घरेलू स्तर पर जीडीपी आंकड़े और मासिक एफएंडओ (फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस) एक्सपायरी भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

पिछले सत्र में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को जोरदार वापसी की।

30 शेयरों वाला सेंसेक्स 317 अंक यानी 0.38 प्रतिशत चढ़कर 82,814.71 पर बंद हुआ, तो वहीं एनएसई निफ्टी 116.90 (0.46 प्रतिशत) अंकों की बढ़त के साथ 25,571.25 पर पहुंच गया।

एक विश्लेषक के अनुसार, स्तर के हिसाब से 25,800 निफ्टी के लिए इमीडिएट रेजिस्टेंस है। इसके बाद 26,000 और 26,200 के स्तर अहम रहेंगे।

वहीं, नीचे की ओर 25,300 और 25,100 मजबूत सपोर्ट स्तर हैं। यदि निफ्टी 25,000 के नीचे निर्णायक रूप से फिसलता है, तो गिरावट का दबाव बढ़ सकता है और बाजार में कमजोरी देखने को मिल सकती है।

बाजार में समग्र प्रदर्शन मिला-जुला रहा। बीएसई 150 मिडकैप इंडेक्स 0.44 प्रतिशत चढ़ा, जबकि बीएसई 250 स्मॉलकैप इंडेक्स 0.19 प्रतिशत गिर गया।

आगे चलकर वैश्विक व्यापार से जुड़े घटनाक्रम फोकस में रहेंगे। निवेशक अमेरिका में टैरिफ से जुड़े फैसलों के प्रभाव का आकलन कर रहे हैं, खासकर किसी कानूनी व्याख्या या नीति बदलाव का, जो वैश्विक व्यापार प्रवाह को प्रभावित कर सकता है।

इस मोर्चे पर कोई भी बड़ा घटनाक्रम वैश्विक बाजारों और उसके असर से भारतीय निवेशकों की धारणा पर प्रभाव डाल सकता है।

घरेलू स्तर पर, अब ध्यान प्रमुख आर्थिक संकेतकों पर रहेगा। बाजार सहभागियों को नई शृंखला के तहत अगले तिमाही जीडीपी अनुमान का इंतजार है, जो 27 फरवरी को सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी किए जाएंगे।

जीडीपी आंकड़ों के अलावा निवेशक सरकार के बजट आंकड़े, विदेशी मुद्रा भंडार और साल-दर-साल आधार पर बुनियादी ढांचा उत्पादन के आंकड़ों पर भी नजर रखेंगे, जिससे अर्थव्यवस्था की सेहत के बारे में संकेत मिलेंगे।

मासिक डेरिवेटिव्स एक्सपायरी के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि 24 फरवरी को होने वाली फरवरी एफएंडओ एक्सपायरी से पहले ट्रेडर्स अपनी पोजीशन समायोजित करेंगे, जिससे अस्थिरता बनी रह सकती है।

इस बीच विदेशी निवेशकों की गतिविधियों में सुधार के संकेत मिले हैं। नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड के आंकड़ों के अनुसार, 20 फरवरी तक पिछले 16 में से 9 कारोबारी सत्रों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक शुद्ध खरीदार रहे।

इस दौरान एक्सचेंजों के जरिए एफपीआई निवेश 14,177.66 करोड़ रुपए रहा। इसके अलावा प्राथमिक बाजार में 2,733.89 करोड़ रुपए का निवेश किया गया। इस तरह फरवरी में अब तक कुल निवेश 16,911.55 करोड़ रुपए पहुंच गया।

वैश्विक व्यापार चिंताओं, घरेलू आर्थिक आंकड़ों और डेरिवेटिव्स एक्सपायरी को देखते हुए एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगले सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है, लेकिन स्टॉक-स्पेसिफिक एक्शन जारी रहने की संभावना है।

–आईएएनएस

डीबीपी/


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