मेघालय में एमआरएसएसए के तहत 800 से अधिक इलाकों का पंजीकरण: सीएम कोनराड संगमा


शिलांग, 19 फरवरी (आईएएनएस)। मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने गुरुवार को राज्य विधानसभा को जानकारी दी कि मेघालय निवासी सुरक्षा और संरक्षण अधिनियम (एमआरएसएसए), 2016 के तहत अब तक राज्य के 817 स्थानीय क्षेत्रों और 427 उप-स्थानीय क्षेत्रों का पंजीकरण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि पंजीकरण की प्रक्रिया अभी भी जारी है।

विपक्ष के नेता द्वारा लाए गए प्रस्ताव का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य राज्य में प्रवेश करने वाले लोगों का पंजीकरण और निगरानी निरंतर रूप से लागू किया जाता रहेगा।

संगमा ने सदन को आश्वस्त करते हुए कहा, “दूसरा हिस्सा, यानी राज्य में आने वाले लोगों का पंजीकरण और निगरानी, जारी रह सकता है। मैं सदन को इसका भरोसा दिलाता हूं।”

अधिनियम की प्रगति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार के 2018 में सत्ता संभालने के बाद एमआरएसएसए को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए राज्यभर में सुविधा केंद्र और प्रवेश-निकास बिंदु स्थापित किए गए।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मेघालय उच्च न्यायालय द्वारा अधिनियम की कुछ धाराओं को निरस्त किए जाने के बाद इसके क्रियान्वयन को बड़ा झटका लगा।

कानूनी चुनौतियों के बावजूद मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार अधिनियम के व्यापक उद्देश्यों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मेघालय में 7,000 से अधिक सूचीबद्ध गांव हैं, जिससे पंजीकरण और निगरानी की प्रक्रिया एक बड़ा प्रशासनिक कार्य बन जाती है।

संगमा ने अधिनियम के सफल क्रियान्वयन के लिए सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “यह तभी संभव है जब हम सभी मिलकर काम करें। हर किसी को प्रयास करना होगा।” उन्होंने स्थानीय प्रशासन और सामुदायिक नेताओं सहित सभी हितधारकों से सहयोग की अपील की।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रक्रिया ने फिर से गति पकड़ ली है और जिन क्षेत्रों में काम शुरू हुआ है, वहां प्रगति संतोषजनक है। उन्होंने कहा कि सरकार चरणबद्ध तरीके से पंजीकरण अभियान को राज्य के अन्य हिस्सों तक विस्तारित करने की योजना बना रही है।

सुरक्षा, व्यवस्था और राज्य के निवासियों के हितों की रक्षा के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एमआरएसएसए राज्य में बाहरी लोगों के आगमन से जुड़ी चिंताओं के समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण बना हुआ है।

–आईएएनएस

डीएससी


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