कन्नौज: मां फूलमती देवी मंदिर में निकला प्राचीन कुआं, पुजारी का दावा-पानी में उपचार के गुण


कन्नौज, 19 फरवरी (आईएनएस)। उत्तर प्रदेश के कन्नौज में मां फूलमती देवी मंदिर परिसर में एक प्राचीन कुआं निकला है। यह अद्भुत कुआं मंदिर शिखर निर्माण की नींव खुदाई के दौरान निकला। मंदिर के पुजारी का दावा है कि कुएं के पानी में उपचार के गुण हैं। कुआं माता फूलमती देवी के दरबार में शिखर नींव की खुदाई के दौरान मिला, जिसे जमीन से 101 फीट की ऊंचाई में बनाया जाना है।

मंदिर के पुजारी ने कहा, “मां फूलमती मंदिर के शिखर की नींव के लिए 10-10 फीट के गड्ढे की खुदाई की जा रही थी, उसी दौरान यह प्राचीन कुआं मिला, जिसकी गहराई का अनुमान अभी नहीं लगाया जा सका है।” उन्होंने बताया कि 101 फीट ऊंचे शिखर के निर्माण के बाद कन्नौज के लोग उसके दर्शन कर सकेंगे।

पुजारी ने कहा, “शिखर निर्माण के नींव की खुदाई के समय कुआं गड्ढे के अंदर से निकला। अभी अंदाजा नहीं है कि कुआं कितना गहरा है। हमें लगता है कि पौराणिक काल में जो घटनाएं हम इतिहास में पढ़ते और सुनते थे, बीते बुधवार को वह सत्य साबित हुई हैं, क्योंकि बताया जाता है कि मंदिर के प्रांगण में पहले 7 कुएं थे और गड्ढे की खुदाई के दौरान पहला कुआं कल देखा गया, जो कि माता फूलमती की मूर्ति से केवल 5 कदम की दूरी पर निकला है।”

मंदिर के पुजारी का कहना है कि आज के समय में ऐसा अद्भुत कुआं कोई बना भी नहीं सकता है। ऐसे कुएं का दर्शन अद्भुत है। उन्होंने कहा, “हमें लगता है कि पहले फूलमती माता का स्नान इसी कुएं के जल से कराया जाता था, जिस कारण यह जल अमृत है। माता के नीर को हम प्रसाद के रूप में सभी को देते हैं। माता के नीर को भक्त आशीर्वाद के रूप में ले जाते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “माता के नीर में उपचार के गुण हैं, जिस वजह से जिन भी भक्त को कोई शारीरिक या आंखों से जुड़ी कोई समस्या होती है, वे माता के इस नीर को ले जाते हैं और इसके इस्तेमाल से लोगों के शारीरिक कष्ट दूर होते हैं।”

—आईएनएस

दीपा मिश्रा/वीसी


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