प्रधानमंत्री मोदी 19 फरवरी को इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का करेंगे उद्घाटन

नई दिल्ली, 18 फरवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 फरवरी को नई दिल्ली के भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का दौरा करेंगे और इसका उद्घाटन करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी गुरुवार की सुबह लगभग 9:40 बजे इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के उद्घाटन समारोह में भाग लेंगे। प्रधानमंत्री के साथ-साथ फ्रांस के राष्ट्रपति, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव और विश्वभर के विभिन्न शीर्ष उद्योगपति भी उद्घाटन समारोह को संबोधित करेंगे। इसके बाद वे अन्य नेताओं के साथ सुबह लगभग 11 बजे इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 का दौरा करेंगे, जहां वे विभिन्न देशों के पवेलियन का अवलोकन करेंगे।
इसके बाद, पीएम मोदी दोपहर लगभग 12 बजे से आरंभ होने वाले नेताओं के पूर्ण सत्र में भाग लेंगे। इसमें राष्ट्राध्यक्ष, मंत्री और बहुपक्षीय संस्थानों के वरिष्ठ प्रतिनिधि एक साथ मिलकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर राष्ट्रीय और वैश्विक प्राथमिकताओं की रूपरेखा तैयार करेंगे, जिसमें शासन, अवसंरचना और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग शामिल हैं।
प्रधानमंत्री इसके बाद, शाम 5:30 बजे से सीईओ गोलमेज सम्मेलन में भाग लेंगे। इसमें वैश्विक प्रौद्योगिकी और उद्योग जगत की कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी सरकारी नेतृत्व के साथ मिलकर निवेश, अनुसंधान सहयोग, आपूर्ति श्रृंखला और एआई प्रणालियों की तैनाती पर चर्चा करेंगे।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 की थीम है सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय, अर्थात् सभी का कल्याण, सभी की प्रसन्नता। इसका उद्देश्य भारत को एआई के क्षेत्र में अग्रणी देश के रूप में स्थापित करना और एक ऐसे भविष्य की कल्पना करना है जहां एआई मानवता को आगे बढ़ाए, समावेशी विकास को बढ़ावा दे और हमारी साझा धरती की रक्षा करे।
समिट में सात कार्यकारी समूह शामिल हैं, जो तीन मुख्य स्तंभों – मनुष्य, पृथ्वी और प्रगति – के अनुरूप हैं। ये समूह विभिन्न सेक्टरों में एआई के प्रभाव को प्रदर्शित करने वाले ठोस परिणाम देने पर काम करेंगे। सात थीम हैं: आर्थिक विकास और सामाजिक भलाई के लिए एआई; एआई संसाधनों का लोकतंत्रीकरण; सामाजिक सशक्तिकरण के लिए समावेशन; सुरक्षित और विश्वसनीय एआई; मानव पूंजी; विज्ञान; गतिशीलता, नवोन्मेषण और दक्षता।
इस समिट में सीईओ/सीएक्सओ सहित 500 से अधिक एआई के वैश्विक रूप से अग्रणी व्यक्ति, लगभग 100 सीईओ और संस्थापक, 150 शिक्षाविद और शोधकर्ता, और 400 सीटीओ, वीपी और परोपकारी व्यक्ति एकजुट होंगे। इसमें 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों तथा लगभग 60 मंत्रियों एवं उपमंत्रियों सहित 100 से अधिक सरकारी प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
–आईएएनएस
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