चीनी रोबोडॉग विवाद: विप्रो एक 'सॉफ्टवेयर' कंपनी है, जिसकी तुलना गलगोटिया के कृत्य से नहीं की जा सकती
नई दिल्ली, 18 फरवरी (आईएएनएस)। गलगोटिया यूनिवर्सिटी द्वारा ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में एक चीनी रोबोट डॉग को अपना आविष्कार ‘ओरियन’ बताने के बाद विवाद गहरा गया है। इसी कार्यक्रम में आईटी कंपनी विप्रो लिमिटेड ने भी एक चीनी रोबोट डॉग प्रदर्शित किया था।
हालांकि, कंपनी के सूत्रों का कहना है कि विप्रो एक सॉफ्टवेयर कंपनी है और उसने कभी यह दावा नहीं किया कि वह हार्डवेयर कंपनी है।
सूत्रों ने बुधवार को कहा कि उनका मामला गलगोटिया विश्वविद्यालय से पूरी तरह अलग है और उनके पास अपना कोई पूर्ण रोबोट नहीं है।
समिट के दौरान मीडिया से बात करते हुए विप्रो के एक प्रतिनिधि ने ‘टीजे’ नामक एआई-संचालित रोबोट डॉग पेश किया। उन्होंने बताया कि यह रोबोट आपदा और दुर्घटना जैसी जोखिम भरी परिस्थितियों में इंसानों की जगह काम कर सकता है। यह ‘गो2’ नामक एआई रोबोट डॉग का निर्माण चीनी रोबोटिक्स कंपनी यूनिट्री ने किया है।
विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को कहा कि एआई समिट एक्सपो में हुई अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
वैष्णव ने मीडिया से कहा, “एआई समिट एक्सपो में कई अच्छे समाधान पेश किए गए हैं, और यदि किसी ने गलत काम किया है, तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की गई है। हालांकि लोगों को अन्य अच्छे एआई समाधानों पर भी ध्यान देना चाहिए।”
मंत्री का यह बयान ‘ओरियन’ नाम के चीनी रोबोट डॉग को लेकर बढ़ी राजनीतिक बहस के बीच आया है।
हालांकि विश्वविद्यालय ने इस विवाद को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया मामला बताया और कहा कि उसका उद्देश्य सरकार के मिशन और विजन के अनुरूप काम करना है। लेकिन कुछ भी हो, इस पूरे घटनाक्रम ने विपक्ष को सरकार पर निशाना साधने का मौका दे दिया।
सूत्रों के अनुसार, गलगोटिया विश्वविद्यालय को एआई एक्सपो से स्टॉल हटाने के लिए कहा गया है, लेकिन स्टॉल पर मौजूद प्रतिनिधियों ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी सूचना की जानकारी नहीं है।
यह विवाद मंगलवार को तब शुरू हुआ, जब विश्वविद्यालय के एक प्रतिनिधि ने रोबोट डॉग को अपने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की खोज बताया और उसके फीचर्स व तकनीकी विशेषताओं की जानकारी मीडिया को दी। इसके बाद मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया।
–आईएएनएस
डीबीपी/