प्यार या परिवार? 'संगमरमर' के ट्रेलर में दिखी बलिदान और भावनाओं की अनोखी दास्तां

मुंबई, 17 फरवरी (आईएएनएस)। फिल्म निर्देशक-निर्माता सूरज बड़जात्या की आगामी वेब सीरीज ‘संगमरमर’ जल्द ही स्ट्रीम होने वाली है। मल्टी-जेनरेशनल फैमिली ड्रामा सीरीज का मंगलवार को ट्रेलर रिलीज कर दिया गया है। सीरीज में अभिनेता सौरभ जैन और अभिनेत्री सीन सविता दास मुख्य भूमिका में हैं।
1 मिनट 48 सेकंड के ट्रेलर में इसकी कहानी काफी प्रभावशाली है। इसमें एक ऐसी लड़की की कहानी दिखाई गई है, जिसका जीवन एक बड़े फैसले से पूरी तरह बदल जाता है। जब अमृता जिंदगी के मुश्किल मोड़ पर पहुंचती है तो वह अपनी निजी खुशियों और आदित्य के साथ बढ़ते प्यार को छोड़कर परिवार की जिम्मेदारियों को चुनती है। ट्रेलर में परिवार, प्यार, समझौते और इंतजार की भावनाएं बहुत गहराई से उभरकर आई हैं।
निर्देशक-निर्माता सूरज बड़जात्या ने सीरीज को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “‘संगमरमर’ उन परिवारों की कहानी है, जो हम सबके आसपास होते हैं। यह रिश्तों को बिल्कुल सच्चे और असली रूप में दिखाती है, जिसमें प्यार, गलतफहमियां, इंतजार और एक-दूसरे के साथ बने रहने की कोशिश है। इस कहानी का सबसे बड़ा हिस्सा सब्र है। यह बताती है कि समय रिश्तों को कितनी चुनौतियां दे सकता है और उन्हें कैसे ठीक भी कर सकता है। जियो स्टूडियोज और जियो हॉटस्टार के साथ मिलकर काम करना मेरे लिए बहुत अच्छा अनुभव रहा। हम इस कहानी को इतने ईमानदार और सच्चे तरीके से दर्शकों तक पहुंचा रहे हैं, जैसा हम चाहते थे।”
सीरीज का निर्देशन विक्रम घई ने किया है। सीरीज में शीन सविता दास अमृता नाम की लड़की का किरदार निभाया है। उन्होंने अपने किरदार को लेकर बताया, “सीरीज की पूरी कहानी अमृता के ईर्द-गिर्द घूमती है और कई बड़े फैसले उसके कंधों पर होते हैं। इस किरदार को निभाते हुए मुझे सबसे ज्यादा उसकी जिम्मेदारी चुनने की आदत लगी। वह अपनी खुशी से ज्यादा जिम्मेदारी को प्राथमिकता देती है। एक अभिनेत्री के तौर पर मुझे ये संघर्ष बहुत रियल लगा। अमृता के सफर को जीना मेरे लिए व्यक्तिगत अनुभव जैसा था। मुझे उसकी खामोशी, समझौतों और शांत ताकत को महसूस करना पड़ा। सूरज बड़जात्या के साथ काम करना मेरे लिए बहुत बड़ा मौका था। उनकी कहानियों ने हम सबका परिवार और रिश्तों को देखने का तरीका बदला है।”
वहीं, वसुधा के किरदार में नजर आने वाली स्मिता बंसल ने कहा, “वसुधा परिवार की भावनात्मक रीढ़ हैं। वह चुपचाप प्यार और ताकत से सब कुछ संभालती हैं। उनकी मौजूदगी भले ही कम हो, लेकिन अमृता की जिंदगी और फैसलों पर उनका गहरा असर पड़ता है। मुझे ‘संगमरमर’ में सबसे अच्छी बात यह लगी कि यह मां के प्यार और मूल्यों के पीढ़ियों तक चलने वाले प्रभाव को दिखाती है। परिवार के रिश्तों और भावनात्मक मजबूती को सेलिब्रेट करने वाली कहानी का हिस्सा बनना मेरे लिए बहुत खास रहा।”
–आईएएनएस
एनएस/डीकेपी